
Udupi RSS Flag Controversy News: कर्नाटक के उडुप्पी में सेवारत आईएएस अधिकारी की ओर से कथित रूप से आरएसएस का झंडा फहराए जाने का मामला तूल पकड़ गया है. कांग्रेस की जिला कमेटी ने इसमामले में उपायुक्त स्वरूपा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पार्टी का आरोप है कि डीसी ने ऐसा करके सेवा नियमों का उल्लंघन किया है. लिहाजा उनके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए.
‘डीसी का यह आचरण अत्यंत आपत्तिजनक’
उडुप्पी कांग्रेस कमेटी की ओर से सीएम सिद्धारमैया को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि डीसी का यह आचरण अत्यंत आपत्तिजनक है. ऐसा करने से सिविल सेवक की निष्पक्षता कमजोर होती है.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 18 जनवरी को तड़के सदियों पुरानी ‘पर्याय’ शोभायात्रा निकाली जा रही थी. यह शोभा यात्रा जोदुकट्टे से शुरू होकर श्रीकृष्ण मठ तक जाती है. उसी दौरान जुलूस शुरू होने से पहले उडुपी के बीजेपी विधायक यशपाल सुवर्णा ने डीसी स्वरूपा को आरएसएस का झंडा सौंपा. उन्होंने उस झंडे को न केवल थामा बल्कि सार्वजनिक रूप से लहराया भी.
‘केसरिया ध्वज हिंदू संस्कृति का पवित्र प्रतीक’
पार्टी ने कहा कि यह सरकारी सेवा आचरण नियमों और संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन है. इस मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर हिंदू परंपराओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया. पार्टी नेताओं ने कहा केसरिया ध्वज हिंदू संस्कृति का पवित्र प्रतीक है. इसे ‘पर्याय महोत्सव’ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार प्रदर्शित किया गया था.
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उडुपी से बीजेपी विधायक ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की है. एक्स पर पोस्ट लिखकर उन्होंने कहा, यह कांग्रेस की हिंदू विरोधी सोच और वोट बैंक की राजनीति को दर्शाता है. भगवा ध्वज धारण करना किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं है.
‘हिंदू परंपराओं पर बार-बार किए जा रहे हमले’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू धार्मिक परंपराओं पर आपत्ति जताती है, जबकि अन्य मामलों में चुप रहती है. भाजपा की कर्नाटक इकाई ने भी कांग्रेस पर सनातन धर्म का विरोध करने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि राज्य की जनता हिंदू परंपराओं पर बार-बार किए जा रहे इस तरह के हमलों का का जवाब देगी.
