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West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में इलेक्शन कमीशन (ECI) और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच तल्खी बढ़ती नजर आ रही है. ECI ने राज्य में चुनाव कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल सरकार को कड़े आदेश दिए गए और TMC लीडरशिप समेत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए सख्त चेतावनी भी जारी की. 

कार्यकर्ताओं को धमकाने पर होगी कार्रवाई 

इलेक्शन कमीशन ने साफ कहा कि चुनावी ड्यूटी में तैनात किसी भी कार्यकर्ता चाहे वह ERO, BLO, ऑब्जर्वर या AERO हो उन्हें डराने और धमकाने के प्रयास को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. आयोग ने कहा कि सभी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है. बता दें कि TMC दल का प्रतिनिधमंडल आज बुधवार 31 दिसंबर 2025 को चुनाव आयोग से मुलाकात करने पहुंचा था, जिसके बाद उन्होंने बाहर आकर ECI पर कई सवाल खड़े किए थे.  

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BLO को दें बढ़ा हुआ मानदेय 

इलेक्शन कमीशन ने TMC के प्रतिनिधिमंडल को साफतौर पर बताया कि प्रदेश की TMC सरकार को तुरंत हर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को बढ़ा हुआ मानदेय जारी करना चाहिए. इसे आयोग की ओर से मंजूरी मिल चुकी है. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया की चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं.  ECI का मानना है कि चुनावी व्यवस्था के लिए BLO रीढ़ के समान है. ऐसे में उनकी सुविधाओं और अधिकारों को नजरअंदाज करना चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है.  

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वोटर्स के लिए बूथ

चुनाव आयोग ने TMC प्रतिनिधिमंडल को जानकारी देते हुए कहा कि वोटर्स की सुविधा के लिए हाई राइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग, गेटेड कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में भी पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. इसका मकसद है कि किसी भी वोटर को वोटिंग में परेशानी न हो और वोटिंग परसेंटेज भी बढ़े. इसके अलावा ECI ने यह भी कहा कि TMC यह भी सुनिश्चित करे कि उसके ग्राउंड लेवल के कार्यकर्ता या राजनीतिक प्रतिनिधि चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को धमकाने-डराने में शामिल न हों. चुनाव आयोग ने इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.