कांग्रेस नेता राहुल गांधी कल (2 फरवरी) लोकसभा में भारत-चीन संघर्ष से जुड़े मामले पर बोल नहीं पाए क्योंकि वह जिस किताब का हवाला दे रहे थे वो अब तक पब्लिश नहीं हुई है. काफी हंगामा हुआ. संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. ऐसे में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए राहुल पूरी तैयारी से आए थे. उन्होंने कागज का मोटा दस्तावेज तैयार किया था और भाषण की शुरुआत में ही कह दिया कि मैं इसे अथेंटिकेट करता हूं. असल में संसदीय प्रणाली में अथेंटिकेट का मतलब होता है कि किसी जानकारी या दस्तावेज को आप आधिकारिक रूप से वेरिफाई कर रहे हैं.
आज स्पीकर की चेयर पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी थे. राहुल ने कहा कि चेयरमैन सर, कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था. स्पीकर ने कहा था कि इसे रूल के मुताबिक किया जाए तो अब मैं चाहता हूं कि ये जो आर्टिकल है, इसे अथेंटिकेट किया जाए. आप इसे कीजिए. मैं दे रहा हूं. सत्ता पक्ष के सदस्यों ने टोकना शुरू किया तो राहुल ने दिखाया कि ये है और इसे मैं दे रहा हूं.
राहुल ने ऐसा क्या कहा
विपक्ष के नेता राहुल ने कहा कि मैंने यह आर्टिकल अथेंटिकेट किया है. स्पीकर की चेयर पर बैठे कृष्णा प्रसाद ने कहा कि आप माननीय राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलिए. राहुल ने आगे बोलना शुरू किया, ‘जैसा मैंने कल कहा था कि यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है, राष्ट्रपति की स्पीच में राष्ट्रीय सुरक्षा की बात थी.’ दरअसल, भारत-चीन सीमा विवाद के जिस मुद्दे को वह जिस किताब से उठाना चाह रहे हैं, वह अभी पब्लिश नहीं हुई है. पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने यह किताब लिखी है जो अभी सरकार की तरह से मंजूर नहीं की गई है.
Speaking in Lok Sabha, LoP Rahul Gandhi says,”A very important matter in the President’s speech is a matter relating to national security. Our relationship between the Pakistanis, the Chinese, and us. There is a very important point in this article that I have authenticated. It… pic.twitter.com/sz58O1XtHx
— ANI (@ANI) February 3, 2026
आगे राहुल ने कहा कि हमारे संबंध चीन और पाकिस्तान…यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है जिसे इस आर्टिकल में कोट किया गया है और मैंने इसे अथेंटिकेट किया है जो बताता है कि हमारे प्रधानमंत्री का रीएक्शन क्या था? यह सुनते ही सत्तापक्ष के सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. पीठासीन तेन्नेटी ने कहा कि मैं आपसे कह रहा हूं कि अपनी स्पीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखिए.
किरेन रिजिजू बोले- कल की बात आज नहीं
शोर बढ़ने लगा. स्पीकर ने सत्ता पक्ष को समझाते हुए कहा कि मैं उनसे कह रहा हूं… इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू खड़े हुए. उन्होंने कहा कि हम धैर्य से इंतजार कर रहे थे कि नेता विपक्ष बोलेंगे. जो मैटर अभी उठाया गया, कल चेयर ने रूलिंग दी थी कि जिस पेपर वह दावा कर रहे हैं, उसे अथेंटिकेट कीजिए और पेश कीजिए. जब रूलिंग कल दी गई थी कि तो उसका हवाला देकर वही मामला आज नहीं उठा सकते हैं.
मुझे रोका क्यों जा रहा है: राहुल गांधी
लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही जरूरी मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच संबंध. इस लेख में एक बहुत ही जरूरी बात है जिसे मैंने वेरिफाई किया है. इसमें PM के रिएक्शन के बारे में बताया गया है… हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस रास्ते के बारे में था जो भारत को अपनाना है. आज दुनिया के मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों में मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच टकराव है. यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का मुख्य हिस्सा है. मैं बस इतना कह रहा हूं कि चीन और भारत के बीच क्या हुआ और हमारे PM ने इस पर कैसे रिएक्शन दिया, मुझे इस बारे में बोलने दें. मुझे क्यों रोका जा रहा है? BJP सांसदों ने राहुल गांधी के इस मुद्दे पर बोलने पर आपत्ति जताई.
कांग्रेस सांसदों का हंगामा, कागज फाड़े
लीडर ऑफ अपोजिशन राहुल गांधी की जगह टीएमसी को सदन में बोलने के लिए आमंत्रित करने पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी ने जमकर विरोध किया. बेल में आकर कांग्रेस के सांसदों ने हंगामा किया. चेयर पर पेपर उछाले और कागज फाड़कर फेंका गया.
#WATCH दिल्ली: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी घबराए हुए हैं। जो ट्रेड डील 4 महीने से रुकी हुई थी। किसी न किसी कारण से नरेंद्र मोदी ने कल शाम उस डील को साइन कर दिया। नरेंद्र मोदी पर दबाव है, भयंकर दबाव है। नरेंद्र मोदी की इमेज का… pic.twitter.com/uOVsAiuksa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 3, 2026
बाहर ट्रेड डील पर बोले- ‘पीएम घबराए हैं’
संसद में बोलने का मौका नहीं मिला तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी घबराए हुए हैं. जो ट्रेड डील 4 महीने से रुकी हुई थी. किसी न किसी कारण से नरेंद्र मोदी ने कल शाम उस डील को साइन कर दिया. नरेंद्र मोदी पर दबाव है, भयंकर दबाव है. नरेंद्र मोदी की इमेज का गुब्बारा फूट सकता है. हमारे प्रधानमंत्री को कॉम्प्रोमाइज कर दिया गया है. किसने किया है, कैसे किया है ये देश की जनता को सोचना है…’
