News in Brief

रजत वोहरा, जम्मू: यूनियन टेरिटरी जे एंड के (J&K) में कश्मीरी पंडित समुदाय की कश्मीर (वतन) वापसी और सामुदायिक एकता के संदेश को दुनिया में फैलाने के लिए पांच दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. महायज्ञ में देश के विभिन्न राज्यों से आए कश्मीरी पंडित, श्रद्धालु और हिंदू धर्मगुरु शामिल हो रहे हैं. आयोजकों के मुताबिक इस महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे. इसके साथ कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी वतन वापसी के लिए सामूहिक प्रार्थना और जन-जागरण का संदेश भी दिया जा रहा है.

संकल्प को मजबूरी

आयोजकों ने कहा कि यह महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि आतंकवाद और जिहादी मानसिकता के खिलाफ एकजुटता का आवाहन है. इसके माध्यम से देशभर में बसे कश्मीरी पंडितों और हिंदू समाज को संगठित कर कश्मीर वापसी के संकल्प को मजबूत किया जा रहा है.

पंडाल में दिखीं उत्पीड़न की तस्वीरें
महायज्ञ स्थल पर पंडाल के चारों तरफ कश्मीरी पंडितों द्वारा वर्षों तक झेले गए उत्पीड़न, आतंकियों और अलगाववादियों द्वारा जलाए गए मकानों, मंदिरों और धरोहरों के चित्र भी लगाए गए हैं. आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी और समस्त हिंदू समाज को कश्मीरी पंडितों की पीड़ा और संघर्ष से अवगत कराना है.

Add Zee News as a Preferred Source

19 जनवरी को निर्वासन की बरसी
गौरतलब है कि 19 जनवरी को कश्मीरी पंडित समुदाय 36 वर्षों के निर्वासन (एक्सोडस) की बरसी भी मनाएगा. इसी क्रम में महायज्ञ के माध्यम से वतन वापसी, पुनर्वास नीति, सुरक्षा गारंटी और सम्मानजनक पुनर्स्थापन की मांग को और मजबूत किए जाने की बात कही गई है.

ये भी पढ़ें- मुंबई, लंदन या न्यूयॉर्क… कहां का मेयर सबसे शक्तिशाली, किसके पास कितनी पावर?

ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र निकाय चुनाव: NCP ने स्वीकारा जनादेश, हार का ठीकरा EVM पर किसने फोड़ा?

कहां दिखाया गया दर्द?
फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ में कश्मीर घाटी में उग्रवाद के चरम पर 1990 में लाखों कश्मीरी पंडितों का दर्द दिखाया गया है. पूरी फिल्म कश्मीरी पंडितों के पलायन पर ही बनी है. इस फिल्म ने कश्मीरी हिंदुओं के जख्मों को फिर से हरा कर दिया था. भारतीय जनता पार्टी 1980 से यानी अपने जन्म के समय से ही कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनके नरसंहार के लिए कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उनकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराती आई है.