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Kuldeep Sengar Bail: सीबीआई ने साफ किया है कि वह उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने, जमानत देने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. इसके लिए जल्द ही याचिका दायर की जाएगी. इस बीच राहुल गांधी ने पीड़िता और उसके परिवार से मिलकर उन्हें न्याय, सुरक्षा और मदद का भरोसा दिया है.

सीबीआई के प्रवक्ता के मुताबिक भले ही हाई कोर्ट ने सेंगर को इस मामले में जमानत दी हो, लेकिन वह अभी जेल से बाहर नहीं आएंगे. इसकी वजह यह है कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में सेंगर को पहले ही 10 साल की सजा सुनाई जा चुकी है जिसे वह अभी काट रहे हैं.

इस पूरे मामले को लेकर पीड़िता और उसका परिवार काफी नाराज और डरा हुआ है. सेंगर को जमानत मिलने की खबर के बाद परिवार ने लोकसभा में राहुल गांधी से मुलाकात की और उनसे मदद मांगी. परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और उनकी जान को खतरा है.

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मुलाकात के दौरान पीड़िता के परिवार ने राहुल गांधी से सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए किसी बड़े और अच्छे वकील की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया. राहुल गांधी ने इस पर मदद का भरोसा दिलाया. पीड़िता की मां ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में उनका परिवार सुरक्षित नहीं है. उन्हें किसी कांग्रेस शासित राज्य में रहने की व्यवस्था कराई जाए. इसके अलावा पीड़िता के पति ने बेहतर नौकरी दिलाने की मांग रखी. राहुल गांधी ने इन दोनों बातों पर भी सहयोग का आश्वासन दिया.

इस मुलाकात में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं. सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ने परिवार से कहा कि वे उन्हें न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे. इससे पहले पीड़िता का परिवार सेंगर की जमानत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने इंडिया गेट पहुंचा था. पुलिस ने उन्हें वहां प्रदर्शन करने से रोक दिया. इसके बाद राहुल गांधी ने परिवार को मिलने के लिए बुलाया.

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने लिखा कि दुष्कर्मियों को जमानत मिल रही है और पीड़ितों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बहुत गलत है और इससे समाज की हालत खराब होती जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात कहना लोगों का अधिकार है और उसे दबाना अपराध है.

पीड़िता और उसकी मां ने बाद में मंडी हाउस पहुंचकर भी विरोध जताने की कोशिश की. सुरक्षा बलों ने उन्हें बीकानेर हाउस से हिरासत में ले लिया. कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया. पीड़िता ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए भी समय मांगा है. पीड़िता की मां ने रोते हुए कहा कि हाई कोर्ट का फैसला उनके लिए न्याय नहीं है. उनके बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गया है.

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