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Nisha Chatterjee: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तकरार छिड़ी है. TMC से बगावत करने के बाद अब हुमायूं कबीर ने भी मोर्चा खोल दिया है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चटर्जी का टिकट काटने को लेकर हुमायूं कबीर फिर चर्चाओं में है, उन्होंने कहा कि हिंदू होने की सजा मुझे मिली है. बालीगंज सीट से उन्हें हटाने के बाद एक पुलिस ऑफिसर को कबीर ने मैदान में उतारा है और निशा का टिकट के पीछे की वजह भी बताई है. 

क्यों कटा निशा का टिकट?
इस सीट से निशा चौधरी को हटाने के बाद जनता उन्नयन पार्टी चीफ कबीर पर तमाम आरोप लग रहे हैं, जिसका जवाब देते हुए कबीर ने कहा कि इस सीट पर मुसलमानों की आबादी 49% है. इसीलिए मैंने वहां से एक मुस्लिम पुलिस ऑफिसर, हसन को कैंडिडेट बनाया है, मैं सभी सीटों पर कैंडिडेट घोषित करूंगा, मैं BJP और TMC दोनों को चैलेंज के तौर पर ले रहा हूं, मैं दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा. मैंने निशा को उनके वायरल वीडियो की वजह से कैंडिडेट नहीं बनाया है, पार्टी की इमेज खराब हो रही थी, मैंने उन्हें इसलिए नहीं हटाया क्योंकि वह हिंदू हैं. मेरी पार्टी में कई हिंदू कैंडिडेट होंगे और आप देखेंगे, 200 में से सिर्फ 90 सीटें मुसलमानों को मिलेंगी, बाकी 110 पर हिंदू कैंडिडेट होंगे.

कबीर ने बनाया हिंदू-मस्लिम का मुद्दा
वहीं निशा चटर्जी ने कहा कि हुमायूं कबीर ने उनसे कहा कि उनकी पार्टी सेक्युलर है और इसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा और वह उसमें शामिल हो गईं, उन्होंने उन पर धार्मिक ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कह रहे हैं कि मैं एक एक्ट्रेस हूं जो सोशल मीडिया से जुड़ी हूं, हां, मैं सोशल मीडिया से कमाती हूं, मैं अपनी लाइफस्टाइल दिखाकर अपनी जिंदगी जीती हूं, मैं इतने सालों से यह फैन फॉलोइंग बना रही हूं, अचानक, उन्हें मेरा नाम अनाउंस करने का मन हुआ, फिर उन्होंने अपना मन बदल लिया, उन्होंने यह हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाया. जिस व्यक्ति को मैं सपोर्ट कर रही हूं, वह हमारे अपने धर्म को सपोर्ट नहीं करता, तो मैं उन्हें (हुमायूं कबीर) सपोर्ट करने क्यों जाऊंगी. (ANI)

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