K T Rama Rao: तेलंगाना की सियासत में इन दिनों काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. BRS और कांग्रेस में तकरार छिड़ी है. इसी बीच भारत राष्ट्र समिति के वर्किंग प्रेसिडेंट केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि रेवंत रेड्डी मुंह से सिर्फ गालियां निकलती हैं. आप हार्वर्ड में 500 दिनों के लिए कोर्स कर सकते हैं, लेकिन अगर आप कल्चर नहीं सीखेंगे, तो आपकी पूंछ कुत्ते की तरह टेढ़ी रहेगी.
साथ ही कहा कि KCR ने तेलंगाना के लिए काम किया, आंदोलनों का नेतृत्व किया, राज्य का दर्जा हासिल किया और पहले CM बने, जिससे एक सुनहरे तेलंगाना का रास्ता बना. इसके अलावा कहा कि तुम्हारी जगह गटर में है, उसके बारे में गंदी बातें बोलना. जो राज नहीं कर सकता, वह कैंपेन के दौरान जहर बोलता है, यह घमंड और पूरी तरह नाकाबिलियत की निशानी है. तुम किसी इतिहास बनाने वाले को शब्दों से छोटा नहीं कर सकते.
BRS के वर्किंग प्रेसिडेंट ने आगे कहा कि जो गाली-गलौज करता है, वह अपनी मानसिक गरीबी दिखाता है. KT रामा राव ने कहा, आगे कहा कि कुत्ते को सोने के सिंहासन पर बिठाने से वह शेर नहीं बन जाएगा, यह सिंहासन का अपमान है. तुम्हें उन लोगों के खिलाफ बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है जिन्होंने राज्य के लिए लड़ाई लड़ी और उसे हासिल किया. याद रखना, तुम्हारे शब्द KCR की विरासत को कम नहीं करेंगे.
इससे पहले रेवंत रेड्डी ने पिछली BRS सरकार पर फोन टैपिंग मामले में प्राइवेसी के बड़े उल्लंघन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि क्या कोई पति-पत्नी के बीच फोन पर हो रही बातचीत सुनेगा? जज, पत्रकार, विपक्षी नेता, कपल और फिल्म स्टार को भी नहीं बख्शा गया. इस आदमी (KCR) का दो लोगों के बीच फोन पर हो रही बातचीत से क्या लेना-देना है? क्या वह आदमी है? क्या उसे इंसान के तौर पर पैदा होने का हक है?
आगे कहा कि वे पूछ रहे हैं कि राज्य के पिता को नोटिस कैसे भेजे गए, आपकी कम्युनिटी क्या है? आपकी कम्युनिटी से कौन है? क्या विनोद राव, एर्राबल्ली और कृष्णा आपकी कम्युनिटी से हैं? आप अपनी कम्युनिटी के पिता हो सकते हैं. हमें आपकी कम्युनिटी से क्या लेना-देना है? आप जैसे लोग राज्य के पिता बन गए और पति-पत्नी की बातचीत सुनी.
साथ ही साथ कहा कि अगर आप जैसा बेवकूफ राज्य का पिता होने का दावा करेगा तो लोग आत्महत्या कर लेंगे. अगर ऐसे अपराध होते हैं, तो पुलिस को चेहरे पर मास्क पहने अपराधियों को लाना चाहिए, लेकिन क्योंकि पुलिस अच्छी है, इसलिए उन्होंने ऐसा नहीं किया. यह मामला BRS सरकार के कार्यकाल के दौरान मीडिया इंडस्ट्री के बड़े लोगों, रिटायर्ड पुलिसवालों और नेताओं के गैर-कानूनी फोन सर्विलांस और इंटरसेप्शन के बड़े आरोपों से जुड़ा है, पूर्व DCP पी. राधाकृष्ण राव ने आरोप लगाया कि यह उस समय के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के राजनीतिक विरोधियों पर नज़र रखने के लिए किया गया था. (ANI)
