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Indian Cattle Show Gujarat: देशभर में गायों की सुरक्षा के लिए और उनकी देखरेख के लिए तरह-तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं. इसी बीच देश में देसी गायों के संरक्षण, नस्ल सुधार और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंडियन कैटल शो का आयोजन किया जाएगा. ये आयोजन आगामी 20, 21 और 22 फरवरी को गुजरात के राजकोट के रेसकोर्स मैदान में किया जा रहा है. इसके जरिए लोगों में जागरूकता पैदा की जाएगी. 

क्या है उद्देश्य
इस तीन दिवसीय भव्य एक्सपो का मुख्य उद्देश्य गायों की नस्ल सुधार, गौपालकों की आय में वृद्धि तथा समाज में जागरूकता पैदा करना है. इस अवसर पर गिर और कांकरेज नस्ल को केंद्र में रखते हुए 5 विभिन्न कैटेगरी में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनकी कुल इनामी राशि लगभग 50 लाख रुपए रखी गई है.

अनुभवी निर्णायकों की अहम भूमिका
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में गिर नस्ल के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल होंगे. उनके द्वारा तय किए गए मापदंडों के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा, जिसकी घोषणा अंतिम दिन 22 फरवरी को की जाएगी.

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देशभर के ब्रीडर्स और व्यवसायिक गतिविधियां
इंडियन कैटल शो में देशभर के 30 से अधिक प्रतिष्ठित ब्रीडर्स अपने-अपने श्रेष्ठ गिर और कांकरेज नस्ल के गाय और नंदियों का प्रदर्शन करेंगे. इसके साथ ही 100 से अधिक व्यवसायिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जिनमें जेनेटिक्स, डेयरी, मशीनरी और पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे व्यापारियों और गौपालकों को बड़ा मंच मिल सकेगा.

विंटेज कार और ट्रैक्टर आकर्षण का केंद्र
आयोजन का विशेष आकर्षण गायों की प्रसिद्ध ब्लडलाइंस के बीच प्रदर्शित की जाने वाली विंटेज कार और विंटेज ट्रैक्टर्स भी होंगे. इसका उद्देश्य लोगों को गायों के साथ-साथ उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से भी जोड़ना है. यह पहल युवाओं को गौपालन और तकनीक दोनों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी.

आयोजन की मुख्य संस्था
इस पूरे आयोजन का संचालन ICS- गुजरात की मुख्य संस्था IFIZCI (The International Federation of Indigenous Zebu Cattle of India) द्वारा किया जा रहा है. यह संस्था राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देसी गायों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है.

क्या है इंडियन कैटल शो
इंडियन कैटल शो गुजरात न केवल गौपालकों और ब्रीडर्स के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, बल्कि यह देसी नस्लों के संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है. आयोजकों ने देशभर के गौपालकों, ब्रीडर्स, उद्यमियों और आम जनता से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है.