
पहचान छिपाकर बढ़ी शादियों के कल्चर पर अंकुश लगाने के लिए गुजरात की भाजपा सरकार ने तगड़ा इंतजाम कर दिया है. दरअसल, यहां पंचमहल के कुछ गांवों में एक भी मुस्लिम परिवार या मस्जिद नहीं है, लेकिन सैकड़ों ‘निकाह’ प्रमाणपत्र जारी किए गए. सरकार ने इसकी गहराई से जांच की और कड़ी कार्रवाई की गई. अब विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार की दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विधानसभा में कहा कि पहचान छिपाकर किए जाने वाले विवाह हमारी संस्कृति पर हमला हैं. कोई सलीम, सुरेश बनकर राज्य की किसी बेटी को फंसाएगा तो यह सरकार उसका ऐसा हाल करेगी कि वह भविष्य में किसी बेटी की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत भी नहीं करेगा.
नियम 44 के तहत बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि अब माता-पिता को विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि विवाह में ‘धोखाधड़ी’ और ‘जबरदस्ती’ के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. यह सरकार हर बेटी के सम्मान और हमारी सनातन परंपरा की रक्षक है. हम सनातन परंपरा और भारत की विवाह व्यवस्था को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
गुजरात विधानसभा में डिप्टी सीएम ने क्या-क्या कहा
– राज्य में बेटियों की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सरकार ‘गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006’ के नियमों में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव करने जा रही है.
– विवाह पंजीकरण के समय अब माता-पिता को सूचना दी जाएगी और इसके लिए अलग से एक पोर्टल भी बनाया जाएगा.
– विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में अगर और कोई सुधार या सख्ती लाने की आवश्यकता हो तो राज्य के नागरिकों से 30 दिनों में आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं. समिति का गठन किया गया है.
– विवाह पंजीकरण में ‘धोखाधड़ी’ रोकने के लिए लाए गए इन सुधारों पर उपमुख्यमंत्री ने सदन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में कुछ कमियों के कारण दुरुपयोग हो रहा है.
– असामाजिक तत्व अपनी असली पहचान छिपाकर, लालच देकर या धोखे से राज्य की बेटियों को प्रेमजाल में फंसा रहे हैं.
– पंचमहल जिले में कई फर्जी विवाह दर्ज होने की चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है.
– पंचमहल के कंकौडाकोई और नाथकुवा जैसे गांवों में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, वहां सैकड़ों ‘निकाह’ प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं.
लव मैरिज का विरोध नहीं…
हर्ष संघवी ने कहा कि जब बेटी जन्म लेती है तो वह पिता के आंगन में तुलसी के पौधे की तरह पलती-बढ़ती है. लव मैरिज का विरोध नहीं है, लेकिन ‘धोखाधड़ी’ और ‘जबरदस्ती’ के खिलाफ यह सरकार निश्चित रूप से सख्त कदम उठाएगी. हर्ष संघवी ने ‘लव जिहाद’ को लेकर चिंता जताई.
विवाह पंजीकरण: अब क्या बदला
गुजरात विवाह पंजीकरण अधिनियम 2006 के नियम 4 में प्रस्तावित संशोधन इस प्रकार से हैं.
अभिभावकों को सूचना: अब प्रेम विवाह (Love Marriage) के पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर वर-वधू के माता-पिता को आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा. इसके लिए माता-पिता के निवास का प्रमाण और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा.
उपस्थिति: पुरानी पद्धति में वर-वधू की अनुपस्थिति में भी पंजीकरण हो जाता था, लेकिन नई पद्धति में वर-वधू की प्रत्यक्ष उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है.
दस्तावेज: अब दस्तावेजों की जांच ज्यादा सख्त होगी और सभी दस्तावेजों को नोटरी (Notarize) कराना आवश्यक होगा.
अधिकार क्षेत्र: पहले ग्राम स्तर पर तलाटी (ग्राम पंचायत सचिव) के पास पंजीकरण की पूर्ण शक्ति थी, जबकि अब अनुमोदन की शक्ति तालुका स्तर पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार को दी गई है.
अभिभावकों की सहमति/सूचना: नई प्रणाली में वर-वधू को यह घोषणा (Declaration) देनी होगी कि उन्होंने अपने माता-पिता को सूचित कर दिया है. साथ ही माता-पिता के निवास का प्रमाण और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा.
नोटिस की अवधि: आवेदन प्राप्त होने के 10 दिन बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा माता-पिता को 30 दिनों का नोटिस भेजा जाएगा. इस अवधि के पूरा होने के बाद ही विवाह प्रमाणपत्र जारी कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा.
मुख्य उद्देश्य: इस नई प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी विवाह पंजीकरण (Bogus Registration) को रोकना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
