
Owaisi allegations against Ajit Pawar: महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर परिवार को धोखा देने और घोटाले के आरोप लगाए हैं. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि ‘जो शरद पवार का नहीं हुआ, वह नांदेड़ का क्या होगा’. इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण पर भी निशाना साधा है, महाराष्ट्र में 15 जनवरी को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है और राजनीतिक का माहौल पूरी तरीके से गरम हो गई है.
परिवार और सीनियर नेताओं का तोड़ा है भरोसा
ओवैसी ने कहा कि अजित पवार ने अपने ही परिवार और सीनियर नेताओं के भरोसे को तोड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो आदमी उन्हें बड़ा बनाकर आगे लाया और सम्मान दिया, उसी को नजरअंदाज करके वो आगे बढ़ गए. ओवैसी ने कहा कि, ‘अजित पवार की यही पहचान है कि वह अपने परिवार के विश्वास को नजरअंदाज करते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार आगे बढ़ने का काम करते हैं.’
घोटाले के आरोपों को लेकर भी ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार के नाम के जगह किसी मुसलमान का नाम होता, तो उसे 75 साल जेल में रहना पड़ता. उन्होंने सत्ता में रहने और कमजोर वर्ग के बीच के अंतर को उजागर करते हुए कहा कि सत्ता में रहने वाले लोग अपने पद का फायदा उठाते हैं, जबकि आम मुसलमान की कोई सुरक्षा नहीं है.
शरद पवार के राज्यसभा जाने उठाए सवाल
इसके अलावा ओवैसी ने शरद पवार के राज्यसभा जाने पर भी सवाल उठाए, उन्होंने दावा किया कि पवार के पास आवश्यक संख्या बल नहीं है और उनके गठबंधन के लिए वो पर्याप्त विधायक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर शरद पवार दोबारा राज्यसभा जाएंगे तो यह देखकर ही पता चलेगा कि उनके समर्थक कितने हैं. उनके मुताबिक, इस मामले में जनता को तमाशा देखने को मिलेगा और कुछ नहीं.
ओवैसी के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. उनके आरोप और सवालों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है. नागरिक और राजनीतिक विश्लेषक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि आगामी चुनाव में यह बयान और आरोप किस तरह से चुनावी रणनीति और जनता के मनोभाव को प्रभावित करने का काम करेंगे. अब उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके समर्थकों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: दुलहस्ती प्रोजेक्ट पर PAK की गीदड़भभकी पर भारत का पलटवार, कहा-‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’

