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Mehtab Hussain: पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर लगातार तंज कस रही हैं. इसी बीच पूर्व भारतीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन को पश्चिम बंगाल के चुनाव आयोग (EC) से एक नोटिस मिला है, जिसमें उनके नाम और उनके माता-पिता के नाम में अंतर का हवाला देते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया है. इस हफ्ते मिले इस नोटिस में हुसैन को 1 फरवरी को अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. 

पूर्व फुटबॅालर को मिला नोटिस
इस हफ्ते मिले इस नोटिस में हुसैन को 1 फरवरी को अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. हालांकि पूर्व फुटबॉलर ने  बताया कि उसी दिन पहले से तय मैच के कारण, वह 2 फरवरी को दक्षिण 24 परगना के मल्लिकपुर में अब्दुस शुकुर हाई स्कूल में पेश होंगे. हुसैन SIR प्रोसेस के तहत बुलाए जाने वाले पहले खिलाड़ी नहीं हैं इससे पहले, महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी, भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला और मोहम्मद शमी जैसे जाने-माने लोगों को भी SIR प्रोसेस के तहत सुनवाई के लिए बुलाया गया था.

TMC ने जमकर की आलोचना
उन सभी ने समन का पालन किया और अपनी-अपनी सुनवाई के लिए पेश हुए. इन नोटिसों की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी आलोचना की है, जिसने SIR प्रोसेस के पीछे के मकसद पर सवाल उठाए हैं, खासकर मशहूर खिलाड़ियों को टारगेट करने पर. X पर एक पोस्ट में, सत्ताधारी पार्टी ने तर्क दिया कि मेहताब हुसैन और दूसरे खिलाड़ियों को समन भेजना BJP के डर की असली गहराई है.

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डर रही है बीजेपी
पोस्ट में आगे लिखा कि जिन खिलाड़ियों ने भारत को अपने सीने पर पहना, स्टेडियम में तिरंगा लहराया और देश को गर्व महसूस कराया, उन्हें अब SIR सुनवाई में घसीटा जा रहा है ताकि वे ‘साबित’ कर सकें कि वे कौन हैं. यह भाजपा के डर की असली गहराई है. हुसैन की कामयाबियों को हाईलाइट करते हुए TMC ने लिखा, मोहम्मद शमी और लक्ष्मी रतन शुक्ला के बाद, भारत के पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन, जिन्होंने 33 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जो ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के लिए खेले हैं, जिनकी पहचान हमेशा भारत रही है, उन्हें अब स्पेलिंग की गलतियों के लिए बुलाया जा रहा है.

हो रहा है विरोध
आखिर में लिखा कि जब ग्लोबल स्टेज पर देश को रिप्रेजेंट करने वाले एथलीट्स को भी नहीं बख्शा जाता, तो यह साफ है कि यह SIR इलेक्टोरल रोल के बारे में नहीं है, बल्कि भाजपा की हताशा और कब्जे वाले इलेक्शन कमीशन द्वारा बढ़ावा दिया गया हैरेसमेंट है. रूलिंग तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रोसेस का बार-बार विरोध किया है.  (ANI)