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Brahmaputra Interesting Facts: भारत की अद्भुत सुंदरता के अनेक कारणों में से एक कारण भारत की नदियां हैं. भारत की मुख्य नदियों में गंगा, सिधु, ब्रह्मपुत्र जैसी नदियां शामिल है, जो भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रीढ़ है. लेकिन इस खबर में हम आपको भारत की ब्रह्मपुत्र नदी के बारे में बताएंगे, जिसका नाम हर देश और हर राज्य की सीमा पार करते ही बदल जाता है. ये नदी अपनी तेज धारा और विशाल विस्तार के लिए मशहूर है. वहीं इस नदी के अलग-अलग नाम हैं, जो इसकी सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है. 

जगह-जगह पर बदलती है नाम
ब्रह्मपुत्र नदी की शुरुआत तिब्बत के मानसरोवर झील के पास से होती है. वहीं की स्थानीय भाषा में इस नदी को ‘सांगपो’ या ‘यारलुंग त्सांगपो’ कहा जाता है, जिसका मतलब ‘शुद्ध करने वाली’ है. इसके बाद ये नदी ऊंचे पहाड़ों को पार करके भारत के अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है, तो इसका नाम बदलकर ‘सियांग’ या ‘दिहांग’ हो जाता है. इसके बाद असम की घाटियों में प्रवेश करने के बाद इसे ‘ब्रह्मपुत्र’ का नाम मिलता है. वहीं जब ये नदी आगे चलकर बांग्लादेश की सीमा की प्रवेश करती है, तो इसे ‘जमुना’ के नाम से बुलाया जाता है. 

नाम बदलने के पीछे की कहानी
एक ही नदी के कई नाम होते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि ऐसा होता क्या है? इसका बड़ा कारण अलग-अलग क्षेत्रों की अपनी भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता है. प्राचीन समय से ही स्थानीय लोग अपनी भाषा और परंपरा के हिसाब के नदी को नाम देते आए हैं. ऐसे में तिब्बत में ब्रह्मपुत्र के शांति से बहने से इसे ‘सांगपो’ या ‘यारलुंग त्सांगपो’ बुलाया जाता है. वहीं भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में इसे जीवन का आधार और शक्ति माना जाता है, ऐसे में इसका नाम उस आधार से बदल जाता है. नदी का नाम, स्थान की विशेषताओं से जुड़ा होता है.

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