
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं. इन दिनों पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर सियासी शोर उठा है. बीजेपी नेहरू पर तंज कस रही है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि वे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं. हालांकि उनकी तारीफ बिना आलोचना के नहीं है. थरूर ने अपने नजरिए से नेहरू की तारीफ भी की और बीजेपी पर तंज भी कसा.
दोषी ठहराना गलत है
कांग्रेस MP शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि वे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, लेकिन उनकी तारीफ़ आलोचना के बिना नहीं है, उन्होंने कहा कि नेहरू की गलतियों को मानना जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए सिर्फ उन्हें दोषी ठहराना गलत है.
वे एंटी-नेहरू हैं
मैं जवाहरलाल नेहरू का फैन हूं, लेकिन बिना आलोचना वाला फैन नहीं, मैं उनके दिमाग और नजरिए की बहुत तारीफ करता हूं और मेरे मन में उनकी बहुत इज्जत है, हालांकि मैं उनकी सभी सोच और पॉलिसीज को 100% सपोर्ट नहीं कर सकता. उन्होंने जो कई काम किए, वे सबसे ज्यादा तारीफ के लायक हैं. सबसे जरूरी बात ये है कि नेहरू ने ही भारत में मजबूती से डेमोक्रेसी स्थापित की. मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) एंटी-डेमोक्रेटिक हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से एंटी-नेहरू हैं, नेहरू को एक आसान बलि का बकरा बना दिया गया है.
वे हर चीज के लिए ठहराते हैं दोषी
1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए थरूर ने कहा कि कुछ मामलों में, उनकी (मोदी सरकार) आलोचना का आधार हो सकता है, उदाहरण के लिए चीन के खिलाफ 1962 की हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है. बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अब वे जो करते हैं वह यह है कि मुद्दा चाहे जो भी हो, हर चीज के लिए नेहरू को दोषी ठहराते हैं.
कब से था पढ़ने का शौक?
एक राइटर के तौर पर अपने पर्सनल सफर के बारे में बताते हुए थरूर ने कहा कि पढ़ने का उनका शौक बचपन में अस्थमा की वजह से शुरू हुआ, जब टेलीविजन या मोबाइल फोन नहीं थे और किताबें ही उनकी अकेली साथी थीं. बता दें कि श्री नारायण गुरु की बायोग्राफी उनकी 28वीं किताब है.

