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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ वैक्सीनेशन को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वैक्सीन की किल्लत बढ़ती जा रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हमने 17 स्कूलों में उन 100 केंद्रों को बंद कर दिया है, जहां ‘कोवैक्सीन’ टीका लगाया जा रहा था, क्योंकि वैक्सीन की सप्लाई नहीं हो रही है.

केंद्र सरकार करती है राज्य को वैक्सीन देने पर फैसला: सिसोदिया

मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा, ‘कोवैक्सीन बनाने वाली भारत बायोटेक ने हमें स्पष्ट रूप से कहा है कि वे हमें और खुराक नहीं दे सकते हैं. उन्होंने हमें एक पत्र लिखा है और कहा है कि वे संबंधित सरकारी अधिकारियों के निर्देशानुसार आपूर्ति कर रहे हैं.’ सिसोदिया ने आगे कहा, ‘भारत बायोटेक का पत्र स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार ही यह फैसला करती है कि किस राज्य को टीके की कितनी खुराक मिलेगी.’

सिर्फ कोविशिल्ड के सेंटर चल रहे हैं: मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘हमारे पास वैक्सीन का जो भी स्टॉक था खत्म हो गया है. हमारे पास कोविशिल्ड के जो सेंटर थे वे चल रहे हैं. कोवैक्सीन के सेंटर हमें बंद करने पड़े हैं. हमने 17 स्कूलों में उन 100 केंद्रों को बंद कर दिया है, जहां ‘कोवैक्सीन’ टीका लगाया जा रहा था.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि स्थिति की गंभीरता समझें, टीकों का निर्यात बंद करे और टीके का ‘फॉर्मूला’ अन्य कंपनियों के साथ भी साझा करें.’

अन्य टीकों के इस्तेमाल की दें मंजूरी: सिसोदिया

मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा, ‘हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूद अन्य टीकों के इस्तेमाल को मंजूरी दें और उपयोग के लिए उपलब्ध कराएं. इसके साथ ही राज्यों को तीन महीने के भीतर हर किसी को टीका लगाने का निर्देश देने का भी आग्रह किया.

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