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Sameer Wankhede Defamation Suit Against Aryan Khan: 2025 की मोस्ट वॉच्ड सीरीज का खिताब आर्यन खान की ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के नाम है. इस फिल्म को लेकर समीर वानखेड़े ने आपत्ति जताई थी. वानखेड़े का कहना है कि फिल्म में उनका किरदार दिखाया गया है जिसका चित्रण ठीक नहीं है. इसी को लेकर समीर ने शाहरुख खान, गौरी खान, नेटफ्लिक्स इंडिया और रेड चिलीज के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करवाया था. अब इसे दिल्ली हाई कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया है. जिससे आर्यन खान को बड़ी राहत मिली है.

वानखेड़े का आरोप

कोर्ट ने पूर्वएनसीबी अफसर समीर वानखेड़े के मानहानि को खारिज कर दिया है.वानखेड़े ने आरोप लगाया है कि वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उनके खिलाफ जानबूझकर गलत और अपमानजनक कंटेंट दिखाया गया. उनका कहना है कि इस वेब सीरीज ने न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनके परिवार पर भी असर डाला है. केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की इमेज को इस सीरीज में नकारात्मक तरीके से दिखाया गया, जिससे आम लोगों का कानून और सरकारी एजेंसियों पर भरोसा कमजोर हुआ.

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अपमानजनक कंटेंट दिखाया गया

वानखेड़े ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें स्थायी आदेश और मुआवजा दिया जाए. इसके तहत रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, नेटफ्लिक्स, ट्विटर (अब एक्स कॉर्प), गूगल, फेसबुक और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं. उनका कहना था कि इस वेब सीरीज ने जानबूझकर उनके खिलाफ पक्षपाती और अपमानजनक कंटेंट दिखाया है.

दिल्ली हाई से वानखेड़े को झटका

समीर वानखेड़े और आर्यन खान केस अभी बॉम्बे हाई कोर्ट और विशेष एनडीपीएस कोर्ट में लंबित है. शिकायत में उन्होंने सीरीज के एक सीन का भी हवाला दिया. इसमें एक किरदार ‘सत्यमेव जयते’कहता है और उसके तुरंत बाद अश्लील इशारा करता है.शिकायतकर्ता के अनुसार,यह न केवल उनके लिए अपमानजनक है, बल्कि यह राष्ट्रीय प्रतीक और इस स्लोगन का अपमान भी है. इस तरह की हरकत भारतीय कानून के तहत अपराध मानी जाती है.

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मांगा 2 करोड़ मुआवजा

वानखेड़े ने अदालत से 2 करोड़ रुपए मुआवजे की भी मांग की. उन्होंने बताया कि यह रकम टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दी जाएगी. दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 दिसंबर 2025 को फैसला सुरक्षित रखा था. अब कोर्ट ने मामले को सही अधिकार वाली अदालत में भेज दिया है. इस फैसले के बाद यह मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित कोर्ट में जाएगा.

इनपुट- एजेंसी