News in Brief

AI Summit: दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट जारी है. इस AI समिट में घुसकर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने आज सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन किया. हंगामा किया. अपने कपड़े उतार दिये. इनकी कोशिश देश के कपड़े उतारने की थी. भारत को बदनाम करने की थी. जिस समिट की पूरी दुनिया तारीफ कर रही है. उस समिट में सुनियोजित तरीके से जाकर कांग्रेस की यंग ब्रिगेड कालिख पोतने का काम कर रही थी. विदेशी मीडिया को भारत के खिलाफ जहर उगलने का मौका दे रही थी.

बनियान उतारकर दुनिया का ध्यान अपने प्रदर्शन की तरफ खींचने वाले ये लोग देश की सबसे पुरानी पार्टी से जुड़े हुए हैं. जो जगह टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में उपलब्धियों के प्रदर्शन की है, वहां इस तरह का निम्न स्तरीय प्रदर्शन किया गया. सरकार के ख़िलाफ़ और सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है. यही लोकतंत्र की ख़ूबी है. कांग्रेस को भी सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन का पूरा अधिकार है. लेकिन प्रदर्शन के लिए जिस जगह को चुना गया और जिस ढंग से प्रदर्शन किया गया, वो लोकतांत्रिक प्रदर्शन के बजाय राजनीतिक नौटंकी और देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास लग रहा है. यही वजह है कि आज इन प्रदर्शनकारियों की वैचारिक मरम्मत जरूरी है.

जिस समय भारत मंडपम में दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों का डेलिगेशन आया हुआ है, सैकड़ों कंपनियां मौजूद हैं, वहां इस तरह का तुच्छ प्रदर्शन आपकी सोच को दिखाता है. ये देश की छवि के लिए ठीक नहीं है. कहां तो भारत का नाम AI के क्षेत्र में उपलब्धियों को लेकर होना चाहिए था, कहां इस प्रदर्शन के ज़रिए सफलता से ध्यान हटाने की कोशिश की गई.

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आज दोपहर साढ़े 12 बजे के क़रीब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भारत मंडपम के एग्ज़ीबिशन हॉल नंबर 5 में पहुंचे. यानी वो जगह जहां दुनिया के कई देशों की कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट का प्रदर्शन कर रही हैं. हॉल नंबर 5 में पहुंचते ही कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और हाथ में टी-शर्ट लहराते हुए प्रदर्शन करने लगे. टी-शर्ट पर अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में स्टिकर लगा हुआ था. कुछ कार्यकर्ता तो ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी बनियान भी उतार ली. सोचिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक मंच पर इस तरह का निम्न स्तरीय प्रदर्शन किया गया.
 
यहां आपको ये भी जानना चाहिए कि पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक़ यूथ कांग्रेस के इन कार्यकर्ताओं ने AI समिट में एंट्री के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था और QR कोड स्कैन करके उन्होंने समिट हॉल में एंट्री की. समिट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 16 फरवरी को बंद हो गया था. इसका ये अर्थ है कि यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ. पहले ही इसकी प्लानिंग तैयार कर ली गई थी और इसी प्लानिंग के मुताबिक़ सब कुछ हुआ.

सोचिए, विरोध हो रहा है अमेरिका के साथ ट्रेड डील का लेकिन प्रदर्शन किया गया AI समिट में. उस AI समिट में जिसका अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर कोई संबंध नहीं है. कांग्रेस के लिए मुद्दा व्यापार समझौता है लेकिन निशाने पर AI समिट को लिया गया. हंगामे के बाद पुलिस ने फिलहाल यूथ कांग्रेस के 4 नेताओं को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ़्तार किया है, उनमें पहला नाम कृष्णा हरि का है जो यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं.
दूसरा नाम बिहार यूथ कांग्रेस के सचिव कुंदन यादव का है
तीसरा नाम उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय कुमार का है
चौथा नाम यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव का है.

गिरफ़्तार आरोपियों में से नरसिम्हा यादव को इस प्रदर्शन का आयोजक बताया जा रहा है. नरसिम्हा यादव विपक्ष के नेता राहुल गांधी के क़रीबी माने जाते हैं.

इस प्रदर्शन के पीछे यूथ कांग्रेस क्या दलील दे रही है, वो भी आपको जानना चाहिए. यूथ कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के पकड़े जाने के बाद एक प्रेस रिलीज़ जारी करके इस पूरी घटना को सही ठहराने की कोशिश की. यूथ कांग्रेस के मुताबिक ये प्रदर्शन देश के करोड़ों बेरोज़गार युवाओं का आक्रोश है. अमेरिका के साथ ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है.

हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर अगर चलना जानते हैं, तो सरदार भगत सिंह के दिखाए रास्ते पर भी चलना जानते हैं.

सोचिए, भगत सिंह का उदाहरण देकर इस तरह के प्रदर्शन को जायज़ ठहराने की कोशिश की जा रही है. क्या भगत सिंह ने कभी ऐसा प्रदर्शन किया जिससे देश की छवि पर बट्टा लगा हो? हमारा मानना है, इन प्रदर्शनकारियों की तुलना शहीद भगत सिंह के साथ करके यूथ कांग्रेस, भगत सिंह का अपमान कर रही है. आप इनका बयान सुनिए

AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के फर्ज़ीवाड़े से लोग नाराज़ हैं, लेकिन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए गलगोटिया यूनिवर्सिटी नहीं पहुंचे. वो पहुंचे वहां पर जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य तय किया जा रहा था. यही वजह है कि बीजेपी आरोप लगा रही है कि कांग्रेस ने देश की छवि ख़राब करने की कोशिश की है. यहां तक कि जो कांग्रेस के सहयोगी हैं, वो भी इस तरह विदेशी मेहमानों के सामने प्रदर्शन को सही नहीं ठहरा रहे हैं.

दुनिया AI समिट को भूल जाएगी लेकिन इस हंगामे को याद रखेगी क्योंकि हंगामा लोगों के मन-मस्तिष्क में ज़्यादा देर तक टिका रहता है और तकनीकी उपलब्धियां लोग भूल जाते हैं. अंतर्राष्ट्रीय मीडिया इस हंगामे को दिखाकर अलग नैरेटिव बनाएगा. उसे भारत की उपलब्धियों के वैश्विक मंच पर ये हंगामा देखकर ख़ुशी होगी. जब दुनिया के बड़े-बड़े नेता भारत की तारीफ़ कर रहे थे, तब विदेशी मीडिया को ये ज़रूर चुभ रहा होगा. विदेशी पत्रकारों की उंगलियां समिट के विरोध में लिखने के लिए फड़फड़ा रही होंगी. अब हंगामे की तस्वीर सामने आने के बाद उनको सुकून मिला होगा.

यूथ कांग्रेस 5 करोड़ युवा सदस्य होने का दावा करती है. 60 के दशक से यूथ कांग्रेस संगठित रूप से काम कर रही है. इसका एक प्रमुख मिशन है- नागरिकों की भागीदारी और प्रशिक्षण के माध्यम से भावी नेताओं को आगे बढ़ाना. लेकिन क्या वो इसी तरह के प्रदर्शन के ज़रिए भावी नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है? क्या वो इसी तरह के नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है?

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था- युवा ही वो शक्ति हैं जो भारत को विकसित राष्ट्र बना सकते है. नौजवान किसी भी राष्ट्र की शक्ति, ऊर्जा और भविष्य होते हैं. लेकिन आज AI समिट में विरोध के नाम पर जो कुछ हुआ वो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की जगह पीछे ले जाता है. अगर 5 करोड़ युवाओं का संगठन विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह का प्रदर्शन करेगा तो उससे देश की छवि को नुकसान होगा.

यहां आपको ये भी जानना चाहिए कि यूथ कांग्रेस के नेताओं ने सिर्फ़ AI समिट में हंगामा नहीं किया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ गिरफ़्तारी के बाद इन्होंने पुलिस के साथ भी हाथापाई की और ये काफी देर तक चलती रही. सोचिए, जो पुलिस भारत मंडपम में सुरक्षा की अपनी ड्यूटी कर रही थी, उन्हें भी निशाना बनाया गया. गिरफ़्तारी के बाद अब पुलिस छानबीन में लग गई है.

– शुरुआती पूछताछ में ख़ुलासा हुआ है कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पहले काले छाते पर सरकार विरोधी स्टिकर लगाकर प्रदर्शन की प्लानिंग की थी.

– फिर इन्हें लगा कि चेकिंग के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे. इसके बाद इन्हें प्लान बदलकर टी शर्ट पर सरकार विरोधी स्टिकर लगवाए.

– पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि स्टिकर कहां प्रिंट किए गए थे. किसके कहने पर स्टिकर तैयार करवाए गए

देश का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूर देता है लेकिन सार्वजनिक शांति, शिष्टाचार और नैतिकता के साथ. जब आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस पर दुनिया का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन चल रहा हो, वहां राजनीतिक विरोध के नाम पर बनियान उतारकर प्रदर्शन करना इस सम्मेलन की उपलब्धियों को हाईजैक करने की तरह है. जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से लेकर सुंदर पिचाई तक. AI समिट के लिए भारत की तारीफ कर रहे हैं तब, यूथ कांग्रेस..इतने बड़े आयोजन पर कालिख पोतने का काम कर रही है. इस तरह का प्रदर्शन करके भले ही इन छोटे नेताओं का पार्टी में बड़ा नाम हो गया हो लेकिन ये हरकत इतिहास में हमेशा छोटी ही मानी जाएगी. जब देश के गौरव की बात होगी तो इन हरकतों को हमेशा छोटा माना जाएगा.

जिस भारत मंडपम में आज यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया, उसी जगह पर आज भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण गठबंधन भी हुआ. भारत आज अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका अलायंस में शामिल हो गया. ये गठबंधन सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण मिनरल की ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने के मकसद से बनाया गया है. दिसंबर 2025 में अमेरिका ने पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी.

यहां आपको ये भी जानना चाहिए कि पैक्स सिलिका लैटिन भाषा का शब्द है. यहां पैक्स का मतलब है शांति या सुलह जबकि सिलिका का मतलब है सिलिकॉन जो आधुनिक कंप्यूटर चिप के लिए बेहद जरूरी रॉ मैटेरियल है.

यानी ये गठबंधन तकनीकी स्थिरता और सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में जरूरी कदम है. कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक तनाव के बाद दुनिया ने महसूस किया कि चिप और तकनीकी उपकरणों की सप्लाई कुछ चुनिंदा देशों पर ज्यादा निर्भर है. इस तरह ये गठबंधन चीन के तकनीकी दबदबे को कम करने के लिए बनाया गया है.

इस गठबंधन में पहले से 11 देश शामिल हैं. इनमें अमेरिका के अलावा जापान, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, इजरायल, नीदरलैंड्स, UAE, कतर और ग्रीस हैं. अब भारत के शामिल होने से ये गठबंधन और ज़्यादा मजबूत हो गया है.