देश में इन दिनों कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग और परस्पर विरोधी बयान सामने आ रहे हैं. शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस को लेकर एक बयान देकर इस बहस की शुरुआत की थी. हालांकि बाद में वह अपने बयान से पूरी तरह पलटी मारते हुए नजर आए, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई. दिग्विजय सिंह के बयान के बाद कांग्रेस के भीतर ही प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया. कई नेताओं ने इस पर अपनी राय रखी और पार्टी की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे. इसी क्रम में कांग्रेस के लोकसभा सांसद मणिक्कम टैगोर ने भी एक विवादित टिप्पणी की.
मणिक्कम टैगोर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना आतंकी संगठन अल-कायदा से कर दी. मणिक्कम टैगोर के इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है. विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, जबकि कांग्रेस के भीतर भी इस तरह के बयानों को लेकर असहजता देखी जा रही है. माना जा रहा है कि इन बयानों से पार्टी की रणनीति और नेतृत्व को लेकर नई बहस छिड़ सकती है. कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने रविवार को दिग्विजय सिंह द्वारा RSS की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने की आलोचना करते हुए इसे सेल्फ-गोल बताया.
RSS की कर दी आतंकी संगठन से तुलना
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए टैगोर ने RSS की तुलना अल-कायदा से कर दी. उन्होंने कहा कि RSS और अल-कायदा दोनों ही नफरत फैलाते हैं. उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा पार्टी में किए गए बदलावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने 140 साल के इतिहास के साथ एकता और जन आंदोलन के लिए एक मॉडल होनी चाहिए. मणिक्कम टैगोर ने ANI से कहा, ‘RSS एक ऐसा संगठन है जो नफरत पर बना है और यह नफरत फैलाता है. हमारे पास नफरत से सीखने के लिए कुछ नहीं है. क्या आप अल-कायदा से कुछ सीख सकते हैं? अल-कायदा नफरत का संगठन है. यह दूसरों से नफरत करता है. उस संगठन से सीखने के लिए क्या है?’
क्या था पूरा मामला?
आपको बता दें कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 1990 क दशक की एक तस्वीर एक्स पर शेयर करते हुए बीजेपी, आरएसएस और पीएम मोदी की तारीफ कर दी थी. जिसके बाद से ये सियासी घमासान शुरू हुआ. इस तस्वीर में लाल कृष्ण आडवाणी के पैरों के पास नरेंद्र मोदी एक साधारण कार्यकर्ता के तौर पर बैठे थे. दिग्विजय सिंह ने इस फोटो को शेयर करते हुए राहुल गांधी, कांग्रेस, प्रियंका गांधी, बीजेपी और पीएम मोदी को टैग किया था और कैप्शन में लिखा था कि कांग्रेस नेतृत्व को आरएसएस से सीखना चाहिए. जब ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी तो दिग्विजय सिंह को इस पोस्ट पर बैकफुट पर जाना पड़ा और उन्होंने फिर से पोस्ट करके कहा कि हमें आरएसएस और बीजेपी से सीखने की जरूरत नहीं है हमें गोडसे के समर्थकों से सीखने की कोई जरूरत नहीं है. उसके बाद कांग्रेस नेता एक के बाद एक करके दिग्विजय सिंह के समर्थन में बयानबाजी करने को उतर आए.
