Telangana News: दुनियाभर में अलग-अलग संस्कृतियों के लोग रहते हैं. हर देश की कोई न कोई खासियत होती है. ऐसे ही न्यूजीलैंड के एक माओरी ट्राइबल डेलीगेशन ने भारत के तेलंगाना में मेदाराम के सम्मक्का-सरलम्मा मंदिर में पारंपरिक हाका डांस किया, जिससे दुनिया भर में एक बड़ा कल्चरल एक्सचेंज हुआ है, यह परफॉर्मेंस सम्मक्का-सरलम्मा जतरा फेस्टिवल का हिस्सा था, जिसने दुनिया भर के आदिवासी समुदायों के शेयर्ड वैल्यूज को दिखाया.
न्गाती रोंगोमाई इवी के माओरी कलाकारों का तेलंगाना की मंत्री अनसुया सीथक्का ने स्वागत किया, जिन्होंने ट्राइबल कल्चर के यूनिवर्सल नेचर और नेचर से उनके गहरे कनेक्शन पर जोर दिया. हाका डांस हिम्मत और एकता का प्रतीक एक सेरेमोनियल परफॉर्मेंस है. जिसने फेस्टिवल में एनर्जी भर दी और भक्तों और विजिटर्स का ध्यान खींचा. कल्चरल एक्सचेंज के हिस्से के तौर पर माओरी ने पारंपरिक हाका किया, जो पहचान, एकता और सम्मान का एक पावरफुल, रिदमिक एक्सप्रेशन है.
भक्तों और फेस्टिवल ऑर्गनाइजर की मौजूदगी में हुए इस परफॉर्मेंस ने वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया और देसी परंपराओं की यूनिवर्सल भाषा पर जोर दिया, मेदाराम की पवित्र जमीन पर हाका का नजारा अलग-अलग कल्चर की एकता का एक शानदार प्रतीक था. यह इवेंट इंडो-न्यूजीलैंड कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम का हिस्सा था, जिसका मकसद देसी समुदायों के बीच आपसी समझ और सम्मान को मजबूत करना था.
एशिया का सबसे बड़ा आदिवासी फेस्टिवल, सम्मक्का-सरलम्मा जतरा, पूरे भारत और उसके बाहर से लाखों भक्तों को अपनी ओर खींचता है. हर दो साल में एक बार होने वाला सम्मक्का सरलम्मा जतरा, तेलंगाना और आस-पास के राज्यों से लाखों भक्तों को अपनी ओर खींचता है. आदिवासी इतिहास और विश्वासों से जुड़ा यह फेस्टिवल सम्मक्का और सरक्का की विरासत का सम्मान करता है, जिन्हें उनके विरोध और बलिदान के लिए याद किया जाता है. इससे पहले, तेलंगाना के रेवेन्यू मिनिस्टर पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि राज्य में पीपुल्स गवर्नमेंट बनने के बाद दूसरी बार सम्मक्का-सरक्का जतरा हो रहा है. (ANI)
