कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक आमतौर पर पार्टी की रणनीति और आंदोलनों की रूपरेखा तय करने के लिए होती है, लेकिन इस बार बैठक का रंग कुछ अलग ही दिखा. शनिवार को हुई बैठक में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के बयान ने न सिर्फ कमरे का माहौल गरमा दिया, बल्कि बाहर तक सियासी हलचल तेज कर दी. दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक कमजोरी और ‘स्लीपर सेल’ की मौजूदगी का मुद्दा उठाया. उनका कहना था कि पार्टी आंदोलन की बातें तो करती है, लेकिन उसे जमीन पर उतारने के लिए मजबूत संगठन की कमी है. इसी बयान से शुरू हुआ विवाद बाद में कांग्रेस बनाम बीजेपी की जुबानी जंग में बदल गया.
CWC बैठक में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान
सूत्रों के मुताबिक, CWC बैठक में सबसे पहले दिग्विजय सिंह ने अपनी बात रखी. उन्होंने खुलकर कहा कि कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक कमजोरी साफ नजर आती है. दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि पार्टी के अंदर कई स्लीपर सेल सक्रिय हैं, जिन्हें पहचानने और उन पर कार्रवाई करने की जरूरत है. उनके इस बयान के बाद बैठक में मौजूद कई नेताओं के चेहरे गंभीर हो गए. दिग्विजय का कहना था कि सिर्फ भाषण और प्रस्ताव पास करने से काम नहीं चलेगा. अगर कांग्रेस को बीजेपी जैसी मजबूत ताकत से मुकाबला करना है, तो संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से खड़ा करना होगा. इस बयान ने पार्टी के भीतर आत्ममंथन की बहस छेड़ दी.
RSS बनाम कांग्रेस की कार्यशैली पर तुलना
दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में RSS और कांग्रेस की कार्यशैली की तुलना भी की. उन्होंने कहा कि RSS का संगठन जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत है, जबकि कांग्रेस आंदोलन की बात तो करती है, लेकिन उसे वोट में बदलने में चूक जाती है. दिग्विजय का कहना था कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए सिर्फ नारे नहीं, बल्कि मजबूत संगठन चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को बूथ और गांव स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी. इस दौरान संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने टिप्पणी की कि पार्टी संगठन सृजन को लेकर जो काम कर रही है, उसे लोग रीट्वीट तक नहीं करते. इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने दोबारा स्लीपर सेल की बात दोहराई.
PM मोदी की तस्वीर और पार्टी में असहजता
CWC बैठक से पहले दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की थी. इस पोस्ट में उन्होंने RSS-BJP की संगठनात्मक ताकत की तारीफ की थी. उन्होंने लिखा कि किस तरह RSS के जमीनी कार्यकर्ता से लेकर बीजेपी के नेताओं तक का सफर संगठन की ताकत को दिखाता है. इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के भीतर असहजता देखी गई. वहीं बीजेपी ने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व के खिलाफ खुली असहमति बताया. कांग्रेस नेताओं को लगा कि दिग्विजय का यह कदम गलत संदेश दे रहा है, जबकि बीजेपी ने इसे कांग्रेस के अंदरूनी कलह का सबूत बताया.
MGNREGA बैठक में उठा अलग मुद्दा, बदले दिग्विजय के सुर
सूत्रों के अनुसार, CWC बैठक मुख्य रूप से 5 जनवरी से मनरेगा खत्म किए जाने के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. जब दिग्विजय सिंह ने संगठन और विकेंद्रीकरण का मुद्दा उठाया, तो कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मूल एजेंडे तक सीमित रहने की सलाह दी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अन्य नेताओं की राय सुनने की बात कही. बैठक के बाद दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि वह RSS की विचारधारा के विरोधी हैं, लेकिन उसकी संगठनात्मक क्षमता की सराहना करते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है और जब तक संगठन बूथ और गांव स्तर तक मजबूत नहीं होगा, तब तक संतोष संभव नहीं.
बीजेपी का पलटवार, कांग्रेस पर तीखा हमला
दिग्विजय सिंह के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने में देर नहीं की. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ‘गुदड़ी के लाल’ हैं, जो नीचे से ऊपर तक पहुंचे, जबकि कांग्रेस का नेतृत्व ऊपर से नीचे की ओर चल रहा है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा कि दिग्विजय सिंह का बयान राहुल गांधी के नेतृत्व के खिलाफ खुली असहमति है. उनके मुताबिक, यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस संगठन कमजोर पड़ चुका है और पार्टी के भीतर ही संघर्ष चल रहा है. इस तरह CWC की बैठक से उठा बयान अब बड़े सियासी संग्राम का रूप ले चुका है.
