News in Brief

Bengal Elections 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की है. इस याचिका में एसआईआर के क्रियान्वयन में गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं. याचिका में कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान गलत तकनीकी प्रबंधन के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. इसके चलते बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है. सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने दलील दी है कि तकनीकी खामियों और अव्यवस्थित प्रक्रिया के कारण आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्ग मतदाताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

15 जनवरी तक बंगाल में चलेगा SIR पर काम

याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग द्वारा बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को व्हाट्सऐप या अन्य अनौपचारिक माध्यमों से निर्देश दिए जा रहे हैं. इसे तुरंत बंद करने की मांग की गई है, ताकि मतदाता सूची से संबंधित कार्य पूरी तरह नियमों के तहत और औपचारिक तरीके से किया जा सके. इसके अलावा, याचिका में सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह चुनाव आयोग को निर्देश दे कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने या आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 15 जनवरी से आगे बढ़ाई जाए. 

Add Zee News as a Preferred Source

बता दें कि प्रदेश में 15 दिसंबर 2025 से एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. यह 15 जनवरी 2026 तक चलेगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी दलों और मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित फॉर्म और प्रक्रिया के तहत ही दावे-आपत्तियां दर्ज करें. इसी बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 17 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा कुल 2,09,438 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं. 

ये भी पढ़ें: ‘4 ही क्यों? 8 बच्चे करो पैदा, कौन रोक रहा…’ ओवैसी ने BJP नेता के ‘चार बच्चे’ वाले बयान पर कसा तंज

जानकारी के अनुसार, भाजपा ने सबसे अधिक 61451 दावे-आपत्तियां, जिनमें शामिल हैं 1 नाम जोड़ने और शून्य नाम हटाने के लिए, दर्ज की हैं. इसके बाद सबसे अधिक दावे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), यानी सीपीआई (एम), ने 49436 दर्ज किए हैं. कांग्रेस ने 18777 और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) ने 77867 दावे-आपत्तियां प्रस्तुत की हैं. आम आदमी पार्टी (आप) ने 21, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने शून्य और अन्य छोटे दलों ने कुल मिलाकर 2,091 दावे दर्ज किए हैं. ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशन के बाद आम मतदाताओं से सीधे प्राप्त दावों और आपत्तियों की संख्या 206,237 (नाम जोड़ने के लिए) और 38,489 (नाम हटाने के लिए) है. निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बिना निर्धारित फॉर्म और घोषणा पत्र के प्राप्त सामान्य शिकायतें दावों में नहीं गिनी जाती हैं.