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Parliament Budget Session 2026:  संसद में आज साल 2026-27 के यूनियन बजट को लेकर चर्चा की गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से लोकसभा में 9वां बजट पेश करने के 1 दिन बाद यह चर्चा की गई. इस दौरान सदन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि चीनी सेना इंडियन बॉर्डर में घुस रही है. उनके इस बयान से संसद में हंगामा मच गया. गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राजनाथ सिंह ने उनके बयान पर आपत्ति जताई. इसके चलते संसद में काफी हंगामा हुआ.    

राहुल गांधी के भाषण पर विवाद 

बता दें कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में डोकलाम पर पूर्व सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे को कोट करते हुए बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा पर घुस रही है, जिसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और किताब की ऑथेंटिसिटी पर सवाल किए. उन्होंने कहा कि यह बुक पब्लिश ही नहीं हुई है.  वहीं राहुल गांधी का कहना है कि उनका सोर्स विश्वसनीय है और इसे पूर्व आर्मी जनरल के पब्लिश न किए गए कोट्स शामिल है. 

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महुआ मोइत्रा का बयान 

संसद में राहुल गांधी के भाषण को लेकर हुए विवाद पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा,’ संसद में कोई हंगामा नहीं हुआ. यह अविश्वसनीय है कि सत्ताधारी दल और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री समेत सत्ता पक्ष के सदस्य विपक्ष के बारे में कुछ भी कह सकते हैं. वे हमें देशद्रोही कहते हैं. वे नियमित रूप से नेहरू का जिक्र करते हैं. वे विपक्ष के हर बड़े नेता का जिक्र करते हैं. वे हमें देशद्रोही कहते हैं. वे हमें गद्दार कहते हैं. वे हम पर लांछन लगाते हैं और यह सब जायज माना जाता है. ऐसा करने से रोकने वाला कोई नियम नहीं है. वे कुछ भी कह सकते हैं. तेजस्वी सूर्या जैसे व्यक्ति खड़े होकर कुछ भी कह सकते हैं और तालियां बजती हैं और फिर जब हम विपक्ष के रूप में कुछ कहने के लिए खड़े होते हैं, तो हमारे अधिकार छीन लिए जाते हैं और हमें बताया जाता है कि इस पर एक नियम है.’  

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सदन में भारत-चीन संबंधों का जिक्र नहीं हो सकता? 

महुआ ने सदन ने हंगामे को लेकर आगे कहा,’ वे कह रहे हैं कि नियम 349 कहता है कि आप सदन के कार्यक्षेत्र के अलावा कुछ नहीं कह सकते.  आज सदन का कार्यक्षेत्र राष्ट्रपति का अभिभाषण है और राष्ट्रपति हर विषय पर बात करते हैं. क्या आप मुझे बता रहे हैं कि सदन में भारत-चीन संबंधों का जिक्र नहीं किया जा सकता? सदन में भारत-पाकिस्तान संबंधों का जिक्र नहीं किया जा सकता? क्या सदन में भारत-अमेरिका संबंधों का जिक्र नहीं किया जा सकता? हम किस बारे में बात करें? क्या बैठकर जय प्रधानमंत्री का जाप करें? क्या सदन में हमें बस इतना ही करना चाहिए?’