
महाराष्ट्र की बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री और एनसीपी विधायक माणिकराव कोकाटे को बड़ा झटका दिया है. हाईकोर्ट ने कोकाटे को लेकर निचली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने कोकाटे की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोकाटे पर साल 1995 में एक धोखाधड़ी के मामले में निचली कोर्ट ने दोषी ठहराया था. एनसीपी (अजित पवार गुट) के सीनियर नेता कोकाटे ने सिंगल-जज जस्टिस राजेश लड्ढा के सामने एक रिवीजन याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपनी सज़ा पर रोक लगाने और 2 साल की जेल की सज़ा को भी सस्पेंड करने की मांग की थी.
इसके पहले नासिक की एक कोर्ट ने महाराष्ट्र की सरकार में एनसीपी अजित पवार गुट के मंत्री रहे माणिकराव कोकाटे को 1995 के एक आवास घोटाला मामले में दोषी ठहराया था. नासिक की कोर्ट ने पूर्व मंत्री को 30 साल पुराने आवास घोटाले के मामले में 2 साल की जेल की सजा सुनाई थी. ऐसे में कोकाटे राहत पाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे. अब हाईकोर्ट से भी उन्हें निराशा हाथ लगी ऐसे में कोकाटे की विधायिकी पर भी खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है. हालांकि अभी तक कोर्ट ने उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर कोई बात नहीं कही है. मंत्री पद से तो वो पहले ही इस्तीफा दे चुके थे.
कोकाटे पर दर्ज था 30 साल पुराना धोखाधड़ी का मामला
वहीं दूसरी तरफ सूबे के मुखिया सीएम देवेंद्र फडणवीस भी कोकाटे से काभी नाराज चल रहे थे. सीएम की नाराजगी की वजह उनकी सरकार में मंत्री रहते हुए कोकाटे के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होना था. दरअसल ये अब से 30 साल पहले साल 1995 का मामला है जिसमें माणिक राव कोकाटे और उनके भाई विजय कोकाटे ने नासिक के कनाडा इलाके में मुख्यमंत्री कोटा जिसमें 10 प्रतिशत आरक्षण के तहत फ्लैट लेने के लिए फेक डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा था. इस आरोप के मुताबिक कोकाटे बंधुओं ने प्रशासन को गुमराह किया. इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोले ने शिकायत दर्ज कराई थी. साल 1997 में माणिक राव कोकाटे के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था.
महायुति गठबंधन में एनसीपी को दूसरा झटका
महाराष्ट्र की महायुति सरकार को एक साल के भीतर ही दूसरा झटका लगा है. यहां बड़ी बात ये है कि दोनों ही मामले एनसीपी अजित पवार गुट के नेताओं पर आए हैं. एनसीपी के दो मंत्रियों को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है. इसके पहले बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को इस्तीफा देना पड़ा था. अभी एनसीपी का ये मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और कद्दावर नेता माणिकराव कोकाटे को 30 साल पुराने हाउसिंग फ्लैट घोटाला मामले में इस्तीफा देना पड़ा. उनसे महाराष्ट्र का खेल मंत्रालय छीन लिया गया. कोकाटे का भविष्य बॉम्बे हाईकोर्ट से भी इस केस में झटका लगा है अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या उन्हें जेल भी जाना पड़ेगा? या कोई और रास्ता निकलता है.
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