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Lt Gen KJS Dhillon’s statement on Ishaq Dar and Asif Ali Zardari: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से 4 दिनों तक चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की मार पाकिस्तानी नेताओं को भुलाए नहीं भूलती. करीब 7 महीने बाद धीरे-धीरे पाकिस्तानी नेताओं के एक-एक करके इस बारे में कबूलनामे सामने आ रहे हैं. हालांकि दुनिया में अपनी फजीहत बचाने के लिए वे डींग मारने से भी पीछे नहीं हट रहे.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि भारत के हमले इतने तेज थे कि उनके मिलिट्री सेक्रेटरी ने उन्हें बंकर में छिपने की सलाह दी थी लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया कि भारत ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान पर 80 ड्रोन दागे थे लेकिन पाकिस्तानी सेना ने उनमें से 79 को मार गिराया. पाकिस्तानी नेताओं की इस डींग की भारत के लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने तथ्यों के साथ हवा निकाल दी है. 

इशाक डार ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोला?

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बताते चलें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ऑपरेशन सिंदूर में कथित रूप से ड्रोन हमले पर एक बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान पर 80 ड्रोन्स दागे थे. लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इनमें से 79 को सफलतापूर्वक मार गिराया. डार ने दावा किया कि केवल एक ड्रोन नूर खान एयरबेस पर गिरा, जिससे मामूली नुकसान पहुंचा और छोटी-मोटी चोटें आईं. 

डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को इस हमले की जानकारी चार दिन पहले ही मिल गई थी और पाकिस्तानी सेना पूरी तरह तैयार थी. इसीलिए उसने जंग में भारत को काफी नुकसान पहुंचाया. उसके इस दावे पर अब लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने डार की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं. 

इशाक डार ‘जन्मजात झूठे’- लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों

जनरल ढिल्लों ने कहा कि इशाक डार ‘जन्मजात झूठे’ हैं. इसके बावजूद वे कभी-कभी वह सच भी बोल जाते हैं. अब आखिरकार उन्होंने कबूल कर ही लिया है कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान पर कैसा कहर ढहाया था. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पाकिस्तानी सेना को 4 दिन पहले ही हमले की सूचना मिल गई थी तो फिर वह एक भी मिसाइल को नौ लक्ष्यों पर हिट होने से क्यों नहीं रोक पाई? इससे पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना पूरी तरह नाकाबिल हो चुकी है.

उन्होंने डार के दावे को खारिज करते हुए कहा कि नूर खान एयर बेस पर गिरे केवल एक ड्रोन से मामूली नुकसान हुआ. ढिल्लों ने कहा कि डार का यह बयान पाकिस्तान की अपनी मीडिया रिपोर्ट्स से मेल नहीं खाता. उन्होंने जो 14 अगस्त 2025 को पाकिस्तानी टीवी चैनल समा टीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट का हवाला दिया. जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय कार्रवाई में मारे गए 138 लोगों के नाम दिए गए थे. उन्हें बाद में पाकिस्तान सरकार ने जिन्हें मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया था. 

‘अगर नहीं हुआ नुकसान तो कैसे मारे गए 130 सैनिक’

ढिल्लों ने कहा कि अगर 138 लोगों को मरणोपरांत सम्मान मिला तो इसका मतलब है कि कम से कम 400 से 500 लोग इस ऑपरेशन में मारे गए होंगे. यह आंकड़ा डार के ‘मामूली चोटें’ वाले दावे की पूरी तरह पोल खोलकर रख देता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य कार्रवाई में इतने बड़े पैमाने पर हताहत होना पाकिस्तानी सेना की विफलता को दर्शाता है, और डार का बयान इन तथ्यों से मेल नहीं खाता.

लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने नूर खान एयरबेस पर हुए नुकसान पर भी पाकिस्तान को आइना दिखाया. ढिल्लों ने कहा कि यह बेस आग की लपटों में घिरा हुआ था. पाकिस्तानी नागरिकों के खुद रिकॉर्ड किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि उस बेस ने कितनी तबाही झेली थी. उन्होंने बताया कि न केवल नूर खान, बल्कि पाकिस्तान के सभी 11 एयरबेसों को गंभीर नुकसान पहुंचा था. ऑपरेशन के बाद भारत ने अलग-अलग फोटोज और वीडियो जारी किए हैं, जिससे इन हमलों की सटीकता का पता चलता है. 

‘मिस्टर 10% का अतीत रहा है काला’

ढिल्लों ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को ‘मिस्टर 10%’ कहकर उन पर भी निशाना साधा. उन्होंने जरदारी को पाकिस्तान का सबसे भ्रष्ट राजनेता बताया, जिनका अतीत काला रहा है. ढिल्लों के मुताबिक, जरदारी को सिर्फ इसलिए राष्ट्रपति बनाया गया है ताकि उन्हें कोने में धकेल दिया जाए और उनका राजनीति में कोई वास्तविक प्रभाव न रहे. 

पाकिस्तानी सेना पर तंज कसते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने कहा कि ऑपरेशन में पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर समेत सभी राजनीतिक नेता और मिलिट्री कमांडर बंकरों में छिपे हुए थे. मैदान में केवल पाकिस्तानी सैनिक लड़ रहे थे और अंत में मारे भी वही गए. 

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ढिल्लों ने दोटूक कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका था. अब जरदारी और डार जैसे नेता झूठे दावे कर अपनी जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.