
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कोलंबो में पाकिस्तानी टीम की हार पर दुख जताते हुए पड़ोसी मुल्क को सुझाव भी दे दिया है. हां, जस्टिस काटजू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक भारतीय होने के बावजूद मैं भारत और पाकिस्तान को एक देश मानता हूं, जिसे अंग्रेजों ने अस्थायी रूप से बांट दिया था ताकि हिंदू और मुसलमान एक-दूसरे से लड़ते रहें. यह सब नकली ‘टू नेशन थ्योरी’ के आधार पर किया गया ताकि एकजुट भारत आगे चलकर चीन की तरह एक आधुनिक औद्योगिक ताकत न बन जाए. भारत में इसकी क्षमता है. वे चाहते थे कि इस तरह से भारत वेस्टर्न इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा विरोधी न बन जाए जैसा की चीन बन चुका है.
16 फरवरी की सुबह 8.53 बजे काटजू साहब ने लिखा, ‘इसलिए मैं भारतीय और पाकिस्तानी दोनों क्रिकेट टीमों को अपनी टीम मानता हूं और कल (15 फरवरी) कोलंबो में पाकिस्तान की हार से मुझे उतना ही दुख हुआ जैसे कई पाकिस्तानियों को दुख हुआ है.’

SC के पूर्व जज ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि लेकिन सिर्फ रोने से कोई समाधान नहीं निकलता. मेरी राय में इसका हल यह है कि पाकिस्तान सरकार को फौरन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की बैठक बुलाकर इसे फिर से खड़ा करना चाहिए. बिल्कुल नया बोर्ड बनाया जाए जो कुछ इस तरह हो-
चेयरमैन – जावेद मियांदाद
वाइस चेयरमैन – वसीम अकरम
मेंबर – वकार यूनिस, इंजमाम उल हक, शाहिद अफरीदी, शोएब अख्तर, और एक स्पिनर
‘मेरी बात मानिए, वर्ल्ड कप भी जीतेगा पाकिस्तान’
इस बोर्ड को टीम के लिए जिसे चाहें चुनने की पूरी आजादी दी जानी चाहिए और उन्हें काफी फंड और दूसरी सुविधाएं दी जानी चाहिए. अगर मेरा सुझाव मान लिया जाता है तो पाकिस्तानी टीम एक बार फिर दुनिया की टॉप टीमों में से एक बन जाएगी और 1992 की तरह वर्ल्ड कप भी जीतेगी.
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