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बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को बड़ा दिल दिखाया है.उन्होंने कहा, “मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं. उन्हें सभी अच्छी चीजें मिलें. पूरा कार्यकाल पूरा करने की ऑल द बेस्ट.” शिवकुमार ने साफ किया कि पार्टी में कोई कन्फ्यूजन नहीं, ये मीडिया की बनाई हुई बात है. शिवकुमार यहीं नहीं रुके. उन्होंने सिद्धारमैया के पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का रिकॉर्ड बराबर करने पर भी बधाई दी. बोले, “उन्हें और ज्यादा सफलता मिले, सभी अच्छा हो. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अच्छी सेहत मिले ताकि वे जनता की और सेवा कर सकें.”

सिद्धारमैया बोले – फैसला हाईकमान पर
दूसरी तरफ, मैसूरु में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनका पूरा कार्यकाल पूरा करना कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर निर्भर है. पहले वे कहते थे कि पूरा टर्म पूरा करेंगे, लेकिन अब बोले, “हाईकमान जो फैसला लेगा, वही होगा. मुझे नहीं पता कब फैसला लेंगे.” फिर भी उन्होंने भरोसा जताया कि हाईकमान पर पूरा विश्वास है. बोले, “अगर विश्वास नहीं होता तो सीएम कैसे बनता?” यह बयान पार्टी में चल रही लीडरशिप की चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण है. कई लोग सोच रहे थे कि क्या सिद्धारमैया पूरा टर्म करेंगे या नहीं.

बल्लारी जा रहे शिवकुमार, शांति की अपील
शिवकुमार ने बताया कि वे बल्लारी जा रहे हैं स्थिति का जायजा लेने. बोले, “राज्य में हर जगह शांति चाहिए. बीजेपी बेचैन हो रही है और ऐसी हरकतें कर रही है.” वे राज्य में शांति बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं.

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मुआवजे के विवाद पर क्या बोले?
एक सवाल पर, जब कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत के मामले में मंत्री जमीर अहमद खान पर 25 लाख रुपये नकद मुआवजा देने का आरोप लगा, तो शिवकुमार ने कहा कि वे मंत्री से बात करेंगे. साथ ही तंज कसा कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पास अब आईटी डिपार्टमेंट और सेंट्रल एजेंसियां हैं. याद दिला दें कि राजशेखर की मौत कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ताओं के झड़प में गोलीबारी से हुई थी.

सोनिया गांधी की तबीयत पर चिंता
शिवकुमार से सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि अभी पता नहीं चला. बोले, “हम मैडम के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. प्रार्थना है कि उन्हें लंबी और स्वस्थ जिंदगी मिले. उन्होंने संकटों में पार्टी और देश को मजबूत गाइडेंस दी है.” यानी कुल मिलाकर, ये बयान कर्नाटक कांग्रेस में एकता दिखाने की कोशिश लगते हैं, हालांकि लीडरशिप को लेकर चर्चाएं जारी हैं.