बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में अभी 50 सीटों की काउंटिंग बाकी थी, उससे पहले ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएनपी को जीत की बधाई देकर बड़ा मैसेज दिया है. 13 फरवरी सुबह 9.02 बजे पीएम ने तारिक रहमान को टैग करते हुए लिखा कि यह जीत आपकी लीडरशिप पर बांग्लादेश के लोगों का भरोसा दिखाती है. पीएम का यह संदेश महत्वपूर्ण है क्योंकि वह शायद दुनिया के पहले नेता हैं जिन्होंने बांग्लादेश में बीएनपी की जीत पर बधाई दी.
पीएम ने लिखा कि मैं बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनावों में BNP की बड़ी जीत पर तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं. भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के सपोर्ट में खड़ा रहेगा. हमारे रिश्तों को मजबूत करने और साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मैं आपके साथ मिलकर काम करने का उत्सुक हूं.
I convey my warm congratulations to Mr. Tarique Rahman on leading BNP to a decisive victory in the Parliamentary elections in Bangladesh.
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This victory shows the trust of the people of Bangladesh in your leadership.
India will continue to stand in support of a democratic,…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
जिस समय पीएम का ट्वीट आया उस समय तक 299 में से 249 सीटों की काउंटिंग पूरी हो गई थी और 50 पर बाकी थी. तब तक बीएनपी और उसका गठबंधन 181 सीटें जीत चुका था. जमात का गठबंधन 61 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर पहुंचा था.
असल में पीएम ने ट्वीट में ‘भरोसे’ की बात बांग्लादेश में बीएनपी की जीत को लेकर कही थी लेकिन टाइमिंग से साफ है कि भारत पड़ोसी देश में खुशहाली और स्थिरता का आकांक्षी है. ऐसे समय में जब शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद कई तरह की बातें कही जा रही थीं, पिछले दिनों पूर्व पीएम खालिदा जिया के इंतकार पर पीएम ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ढाका भेजा था. इसने नई सरकार के साथ भारत की स्थिति को स्पष्ट कर दिया. कट्टरपंथियों का मुंह भी बंद हो गया और उसके बाद से बीएनपी ही नहीं, जमात-ए इस्लामी को भी भारत को लेकर सुर बदलने पड़े.
बीएनपी का जीतना भारत के लिए अच्छा!
शेख हसीना के बाद नए दौर में जमात-ए-इस्लामी को ज्यादा कट्टर और पाकिस्तान के करीब माना जाता है. चुनावों में जनता ने इसे नकार दिया. बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त रहीं वीणा सीकरी मानती हैं कि बांग्लादेश और भारत के रिश्तों को रीसेट करने के लिए बीएनपी के रहमान बेहतर हो सकते हैं. भारत को उम्मीद है कि पड़ोसी देश में लोकतंत्र फलेगा-फूलेगा तो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ किसी भी तरह के भारत विरोधी गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जाएगी.
तब पीएम ने खालिदा जिया के लिए किया था ट्वीट
बीएनपी ने अपने घोषणा पत्र में भी कहा है कि वे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं. चुनाव से एक दिन पहले जमात-ए-इस्लामी के चीफ ने भी भारत से रिश्तों को प्राथमिकता पर रखने की बात कही थी. चुनाव प्रचार के समय पीएम मोदी के उस ऑफर की काफी चर्चा हुई थी जब उन्होंने खालिदा जिया के स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी और कहा था कि भारत हरसंभव सहायता के लिए तैयार है. पीएम ने 1 दिसंबर 2025 को यह ट्वीट किया था. बाद में खालिदा जिया का इंतकाल हुआ तो उन्होंने गहरा दुख व्यक्त किया था.
