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Rajya Sabha Seat Battle: देशभर में 16 मार्च 2026 को 10 राज्यों में 37 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में राज्यसभा की सीट के लिए दौड़ तेज होने वाली है. शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि भाजपा के नेतृत्व वाली NDA अपर हाउस में अपनी  स्थिति और मजबूत कर सकती है. विपक्ष के लिए यह सावल बेहद जरूरी है कि कि क्या उनका गठबंधन बरकरार रहेगा या नहीं? ऐसा इसलिए क्योंकि महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में सहयोगी दलों के हित एक-दूसरे से अलग हैं. 

NDA के पास है मजबूती? 

वर्तमान में 245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के पास 103 सदस्य हैं, जो उसकी अब तक की सबसे अधिक संख्या है. सहयोगी दलों को मिलाकर NDA की ताकत लगभग 133 है, जो बहुमत के लिए जरूरी 122 के आंकड़े से काफी ज्यादा है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि जैसे-जैसे वोटिंग साइकिल साल भर आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे आंकड़ों में सुधार होने की उम्मीद है. आंतरिक अनुमानों के अनुसार NDA कम से कम 21 सीटें जीत सकती है. बता दें कि पूरे साल में 71 सीटों के लिए चुनाव होंगे और गठबंधन का टारगेट 40 का आंकड़ा पार करना है. 

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महाराष्ट्र-बिहार पर टिकी नजर 

‘NDTV’ की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र और बिहार जैसे अहम राज्यों में भाजपा की जीत निर्णायक साबित हो सकती है. महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 131 विधायक हैं, जबकि बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायक हैं. उम्मीद है कि इन सीटों के चलते भाजपा और उसके सहयोगी दलों को राज्यसभा में बड़ी संख्या में अतिरिक्त सीटें मिलेंगी. NDA के विस्तार के लिए महाराष्ट्र और बिहार महत्वपूर्ण राज्य बने हुए हैं.   

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भारत गठबंधन के लिए मुसीबत 

महाराष्ट्र और बिहार में राज्यसभा चुनाव महत्वपूर्ण हैं, जहां महायुति गठबंधन और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत से नतीजों पर असर पड़ने की उम्मीद है. विपक्ष के लिए महाराष्ट्र एक चुनौती होगी, जहां शरद पवार, फौजिया खान, प्रियंका चतुर्वेदी और रजनी पाटिल जैसे प्रमुख नेता चुनाव लड़ने की उम्मीद कर रहे हैं. बिहार में भी एक सीट के लिए मुकाबला होने की संभावना है, जहां भारत गठबंधन से केवल एक उम्मीदवार जीत सकता है. अगर शरद पवार चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस और शिवसेना (UBT) का समर्थन जरूरी होगा.   

भाजपा-भारत गठबंधन को लाभ 

बता दें कि भाजपा को चुनाव से पहले कई अन्य राज्यों में भी स्पष्ट बढ़त हासिल है, जिनमें मुख्यतौर से असम है, जहां 3 सीटें खाली हैं और ओडिशा में भी 4 सीटों पर चुनाव होंगे. हरियाणा और छत्तीसगढ़ में भी पार्टी की स्थिति ठीक है, यहां 2-2 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल में भाजपा को कम से कम 1 सीट मिलने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु में मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है. भारत गठबंधन को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से राहत मिल सकती है, तमिलनाडु में उन्हें ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है. तमिलनाडु की 6 में से 4 सीटें DMK को और पश्चिम बंगाल की 5 में से 4 सीटें TMC को मिलेंगी.कांग्रेस तेलंगाना की दोनों सीटें, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की 1-1 सीट और हिमाचल प्रदेश की एकमात्र सीट बरकरार रखेगी. बता दें कि 245 सदस्यीय उच्च सदन में विपक्ष के 79 सांसद हैं, कांग्रेस के 27,TMC के 12, DMK के 10, RJD के 5, समाजवादी पार्टी और CPM के 4-4 सांसद समेत अन्य विपक्षी दलों के सांसद हैं. अंदाजे कते मुताबिक INDIA अलायंस के अधिक से अधिक14 उम्मीदवार ही जीत सकते हैं.