
TMC and BJP supporters clash in Kolkata: पश्चिम बंगाल में इस साल असेंबली चुनाव होने वाले हैं. जिसमें बीजेपी-टीएमसी के बीच जबरदस्त टक्कर होने की उम्मीद है. इससे पहले ही दोनों दलों के समर्थकों में छिटपुट हिंसा शुरू हो चुकी है. रविवार को भी दोनों पार्टियों के समर्थक एक दूसरे से उस वक्त भिड़ गए. जब एक स्थानीय क्लब की ओर से कथित रूप से तेज आवाज में माइक्रोफोन इस्तेमाल किया गया. इसके बाद दोनों दलों के समर्थकों ने एक-दूसरे के साथ जमकर मारपीट की. साथ ही बीजेपी नेता बिप्लब देव के अस्थाई मंच में भी आग लगा दी.
कोलकाता में बिप्लब देब ने की जनसभा
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से कोलकाता के एक क्लब में बैडमिंटन टूर्नामेंट हो रहा था. जिसके लिए लाउडस्पीकर लगाए गए थे. उसी क्लब से कुछ ही दूरी पर सखेरबाजार में बीजेपी नेता और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देव ने आज ‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ के तहत जनसभा को संबोधित किया था.
लाउडस्पीकर की वजह से भड़के कार्यकर्ता
उनके संबोधन के दौरान क्लब में लगाए गए लाउडस्पीकर से काफी व्यावधान पड़ा था. जिसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने क्लब में जाकर विरोध जताया. इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों के समर्थक आपस में भिड़ गए. शुरुआत में दोनों में बहस हुई. इसके बाद मारपीट शुरू हो गई. बाद में बिप्लब देव के अस्थाई मंच को भी आग के हवाले कर दिया. हालांकि गनीमत रही कि वे उस वक्त तक भाषण देकर वहां से जा चुके थे.
दोनों पार्टियों के समर्थकों में झड़प
सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और लाठी फटकार कर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग किया. साथ ही आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाया गया. इस घटना में कई लोग घायल भी हो गए. जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
इस घटना के बाद दोनों पार्टियों के नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. बेहाला ईस्ट एरिया से टीएमसी की विधायक रत्ना चटर्जी ने इस हिंसा का दोष बीजेपी समर्थकों पर मढ़ा. उन्होंने कहा कि कुछ बीजेपी सपोर्टरों ने जानबूझकर क्लब के मेंबर्स के साथ मारपीट की. जिसके चलते कई लोग घायल हो गए.
घटना के बाद आरोप-प्रत्यारोप
उन्होंने कहा कि टीएमसी ऐसी हरकतों से बिल्कुल नहीं डरेगी और जितना भी बीजेपी दबाने की कोशिश करेगी, उतना ही जनता का सपोर्ट भी बढ़ता जाएगा. वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया कि अपनी हार सुनिश्चित देख अब टीएमसी हिंसा पर उतर आई है. वह उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले करवा रही है. लेकिन अब जनता टीएमसी की विदाई का मन बना चुकी है और आने वाले इलेक्शन में उसे बाहर का रास्ता दिखा देगी.
