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Supreme Court questions sex before marriage: सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कहा है कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं. ऐसे में यह समझ से परे है कि वो कैसे एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बना सकते है. सर्वोच्च अदालत ने अपनी यह सख्त टिप्पणी शादी का झांसा देकर रेप करने के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की.

‘हो सकता है कि हम पुराने विचारों के हों’
बेंच की अध्यक्षता कर रहीं जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा कि हो सकता है कि हम पुराने विचारों के हो लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते है. उनका रिश्ता चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, पर हम यह समझ नहीं रहे है कि वो शादी से पहले कैसे संबंध बना लेते है. हमारी बातें पुराने विचारों की लग सकती है. पर ऐसे मामलों में  सावधान रहना चाहिए. शादी से पहले किसी पर इतना विश्वास ठीक नहीं है

कोर्ट के सामने मामला क्या था
जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच जिस केस में सुनवाई कर रही थी. उसमें आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए जबकि वो पहले से शादीशुदा था और बाद में उसने दूसरी शादी भी थी.

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पुलिस की ओर से दर्ज केस के मुताबिक  करीब 30 साल की महिला की 2022 में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर आरोपी से मुलाकात हुई. महिला का कहना है कि आरोपी के कहने पर वह उसके साथ  दुबई गई, जहां उसने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और उसकी सहमति के बिना उसकी निजी वीडियो रिकॉर्ड कीं.  महिला के विरोध करने पर आरोपी ने उसका वीडियो सर्कुलेट करने की धमकी भी दी. 
इसके बाद में महिला को पता चला कि आरोपी ने 19 जनवरी 2024 को पंजाब में दूसरी शादी कर ली.

महिला आरोपी के साथ दुबई क्यों गई?
जमानत पर सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने पूछा कि आखिर महिला उसके साथ दुबई क्यों गईं. अगर वो शादी को लेकर गंभीर थीं, तो उन्से शादी से पहले आरोपी के साथ  नहीं जाना चाहिए था.

कोर्ट ने मामला मध्यस्थता के लिए भेजा
बेंच ने  कहा कि ऐसे मामले, जहां संबंध आपसी  सहमति से बने हों, उनमे तथ्यों को देखना होता है. वो  हर बार मुकदमेबाजी और सजा के लिए लायक नहीं होते. सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि दोनों पक्षों को मध्यस्थता के लिए भेजा जाए.  कोर्ट ने इस पर विचार के लिए मामले को बुधवार को सुनवाई के लिए लगाया है.