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Kerala News: सबरीमाला चोरी मामले को लेकर तकरार छिड़ी है, इसी बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने UDF कन्वीनर और कांग्रेस MP अदूर प्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ये आरोप उन्होंने कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और सबरीमाला चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ तस्वीर सामने आने के बाद लगाए है. उन्होंने क्या कुछ कहा है, आइए जानते हैं. 

विजयन ने सवाल किया कि पोट्टी सोनिया गांधी तक कैसे पहुंचा, और कहा कि आरोपी के अदूर प्रकाश से करीबी रिश्ते हैं. विजयन ने कहा अदूर प्रकाश का नाम इस मामले में किस स्टेज पर आया? उनका नाम तब सामने आया जब एक तस्वीर सामने आई. मैंने पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका जिक्र किया था. तस्वीर में सोनिया गांधी के साथ पठानमथिट्टा के दो और लोग और अदूर प्रकाश थे, जो उस समय पठानमथिट्टा से MP थे.

उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी के बगल में कौन लोग खड़े थे? उनमें से एक पोट्टी था, जो अब इस केस में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है. कहा गया कि पोट्टी को ‘लाया’ गया था. उसे सबसे पहले कहां लाया गया था? पोट्टी वहां अकेला नहीं पहुंचा था, उसके साथ और भी लोग थे, जिसमें एक व्यापारी भी शामिल था, जिसकी पहचान अब जांच टीम ने सोना खरीदने वाले व्यक्ति के तौर पर की है. कई सवाल उठाते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों लोग एक ही समय पर सोनिया गांधी जैसे किसी व्यक्ति तक कैसे पहुंच गए, जो भारत में सबसे ज्यादा सिक्योरिटी वाली राजनीतिक नेता हैं? 

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जिस व्यक्ति (अदूर प्रकाश) ने मुख्यमंत्री ऑफिस पर आरोप लगाए थे, उसने दावा किया कि उसका कोई रोल नहीं था और वह वहां इसलिए गया था क्योंकि उसे बुलाया गया था. क्या वह ऐसा व्यक्ति है जिसे पोट्टी के बुलाने पर जाना ही होगा? उसे पोट्टी के बुलाने पर क्यों जाना चाहिए? ये सब लोग एक साथ कैसे आए? यह डेवलपमेंट कांग्रेस MP अदूर प्रकाश के इस दावे के बाद आया कि चीफ मिनिस्टर ऑफिस (CMO) और विजयन के पॉलिटिकल सेक्रेटरी, पी. शशि, उन मीडिया रिपोर्ट्स के पीछे थे जिनमें आरोप लगाया गया था कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में पूछताछ के लिए प्रकाश को बुलाया था.

इस आरोप का जवाब देते हुए, विजयन ने कहा कि ऐसे आरोप आदतन लगाए जा रहे हैं और इनका मकसद जांच के मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाना है. उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों द्वारा आदतन लगाए गए आरोपों का जवाब देने से ऐसी प्रतिक्रियाएं कभी खत्म नहीं होंगी. साथ ही उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जांच केरल हाई कोर्ट की सीधी निगरानी में की जा रही है. एक बात जो सभी को शुरू से ही साफ तौर पर पता है, वह यह है कि हमारे राज्य में जांच हाई कोर्ट की निगरानी में की जा रही है.

विजयन ने आगे कहा कि यह सबको पता है कि हाई कोर्ट इस प्रोसेस को लीड कर रहा है. सबरीमाला गोल्ड विवाद सबरीमाला मंदिर में गोल्ड प्लेटिंग में गड़बड़ियों के आरोपों पर केंद्रित है, यह स्थिति 1998 में इंडस्ट्रियलिस्ट विजय माल्या द्वारा 30.3 किलोग्राम सोना और 1,900 किलोग्राम कॉपर के दान से पैदा हुई थी, जिसका मकसद केरल के सबरीमाला अयप्पा मंदिर के पवित्र स्थान और लकड़ी की नक्काशी की क्लैडिंग करना था.

मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को कथित तौर पर 17 अक्टूबर को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हिरासत में ले लिया था. मामले की जांच कर रही SIT ने केरल हाई कोर्ट को अपनी दूसरी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के मिनट्स में गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ. सबरीमाला गोल्ड चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एक और गिरफ्तारी की, जिसमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व सदस्य विजयकुमार को तिरुवनंतपुरम से हिरासत में लिया गया था. (ANI)