News in Brief

Rohit Shetty House Firing: फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी दीपक शर्मा को इस वारदात के लिए 15 लाख रुपये का लालच दिया गया था. फरार आरोपी शुभम ने उसे सिर्फ घर के बाहर गोलियां चलाने के लिए कहा था. इसके बदले 50 हजार रुपये एडवांस में दिए गए थे. बाकी 14.50 लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में दीपक शर्मा ने माना कि उसने पैसों की वजह से ये काम करने की हामी भरी थी. उसने बताया कि उस पर करीब 8 लाख रुपये का कर्ज था और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी. इसी लालच में वे इस साजिश का हिस्सा बन गया. जानकारी के मुताबिक 31 जनवरी को रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग की गई थी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था. मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई गाड़ी पुणे से लाई गई थी. 

fallback

Add Zee News as a Preferred Source

पुणे से लाई गई थी फायरिंग में वाली गाड़ी 

ये गाड़ी पहले पुणे के एक इंसान की थी, जिसने कुछ दिन पहले इसे 30 हजार रुपये में आदित्य गायक नाम के शख्स को बेचा था. इसके बाद आदित्य और एक और आरोपी समर्थ पोमाजी गाड़ी को मुंबई लेकर आए और जुहू इलाके में तय जगह पर छोड़कर चले गए. क्राइम ब्रांच के मुताबिक गाड़ी खरीदने वाले और मुंबई तक पहुंचाने वाले लोगों को असली शूटर के बारे में जानकारी नहीं थी. बाद में शुभम लोंकर ने ही शूटर को फोन कर बताया कि गाड़ी कहां खड़ी है. 

बांध लीजिए कुर्सी की पेटी! इतनी लंबी होगी रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’, देख चकरा जाएगा सिर, क्या फिर टूट पाएगा रिकॉर्ड?

घर के बाहर फायरिंग करने का मिला था ऑर्डर 

उसे वहीं से गाड़ी उठाकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करने के निर्देश दिए गए थे. इस तरह पूरी साजिश को अलग-अलग लोगों के जरिए अंजाम देने की कोशिश की गई. इस मामले में बहादुरगढ़ की एसटीएफ यूनिट ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें आगरा जिले के बहाबिजोली का रहने वाला रितिक यादव, नोएडा सेक्टर 45 सादरपुर का दीपक और आगरा के ही सनी और सोनू शामिल हैं. 

फरार आरोपी की जारी है तलाश 

पुलिस के मुताबिक, ये मामला मुंबई के डीसीबी सीआईडी में दर्ज एफआईआर नंबर 19/2026 से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, एमपी एक्ट की धारा 37(1), 37(2) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपी शुभम की तलाश जारी है.