
Operation Trashi-I: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चल रहा सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ अब तक का सबसे लंबा एनकाउंटर बन गया है. 18 जनवरी से शुरू हुआ यह ऑपरेशन अब 37वें दिन में प्रवेश कर चुका है. सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 4 शीर्ष आतंकियों को मार गिराया है.
अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान किश्तवाड़ के छात्रू और आसपास के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में चलाया जा रहा है. आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हालिया मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों में जेईएम का टॉप कमांडर सैफुल्लाह और आतंकी आदिल शामिल हैं. सैफुल्लाह पिछले 4 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय था और उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. अधिकारियों का कहना है कि ये आतंकी इलाके में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे.
अब तक 7 आतंकी हुए ढेर
ऑपरेशन के दौरान कई बार रुक-रुक कर गोलीबारी हुई. जवानों ने सघन तलाशी अभियान चलाते हुए आतंकियों को अलग-थलग किया और मुठभेड़ में ढेर कर दिया. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि क्षेत्र में अभी भी कुछ आतंकी छिपे हो सकते हैं, इसलिए तलाशी अभियान जारी है. पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
बता दें कि इस साल जनवरी से अब तक जम्मू डिवीजन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग अभियानों में अब तक 7 पाकिस्तानी जेईएम आतंकियों को मार गिराया गया है, जिनमें संगठन का वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं.
सेना का सर्च ऑपरेशन जारी
पहली बड़ी कार्रवाई 23 जनवरी को हुई थी, जब सुरक्षा बलों ने जेईएम के पाकिस्तानी आतंकी उस्मान को मार गिराया था. इसके बाद 4 फरवरी को उधमपुर में हुए एनकाउंटर में मावी और जुबैर नामक 2 आतंकियों को ढेर किया गया. किश्तवाड़ में जारी अभियान के दौरान 5 फरवरी को आतंकी आदिल मारा गया, जबकि 22 फरवरी को हुए ताजा एनकाउंटर में तीन और आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें सैफुल्लाह भी शामिल था.
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सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन लगातार अभियानों से जम्मू डिवीजन में जेईएम के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. अधिकारियों ने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक क्षेत्र से आतंकी गतिविधियों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता. फिलहाल, किश्तवाड़ के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं और ऑपरेशन त्राशी-I को अंतिम चरण तक पहुंचाने के लिए सघन तलाशी अभियान जारी है.
