
Rekha: बॉलीवुड इंडस्ट्री की फेमस हसीनाओं में से एक रेखा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है. उन्होंने अपनी जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा एक ग्लैमरस सुपरस्टार के तौर पर जीया है. हसीना ने काफी लंबे समय तक इंडस्ट्री पर राज किया है और आज भी दर्शकों के बीच काफी पॉपुलर रहती हैं. उनकी फिल्मी दुनिया काफी चकाचौंध से भरी रही, लेकिन पर्सनल लाइफ में अकेलापन, कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले. आज हम एक्ट्रेस और उनके पिता के रिश्ते के बारे में बात करेंगे. आपको जानकर हैरान होगी कि एक्ट्रेस अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई थी. चलिए जानते हैं क्यों.
मुश्किलों से भरा रहा रेखा का बचपन
दरअसल, रेखा का पूरा नाम भानुरेखा गणेशन है. वह तमिल सुपरस्टार जेमिनी गणेशन और पुष्पावल्ली की बेटी हैं. रेखा की मां पुष्पावल्ली के साथ रिश्ता होने के बाद भी उनके पिता जेमिनी पहले से शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे भी थे. एक्ट्रेस का बचपन काफी मुश्किलों से भरा रहा और हमेशा ही उन्हें जेमिनी की नाजायज बेटी के रूप में बुलाया गया. बाद में जब उन्होंने अपना करियर बनाया तो उनकी एक अलग ही पहचान बन गई.

एवरग्रीन एक्ट्रेस 6 भाई बहनों के बीच पली बढ़ी थी. उनके पिता के 8 बच्चे थे, जिसमें से पहली पत्नी से चार बच्चे, दो पुष्पावल्ली से और दो सावित्री से थे. रेखा अपने पिता के बारे में बात करते हुए इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रेखा ने कहा था कि ‘जब वह घर छोड़कर गए थे तो उस वक्त वह बहुत छोटी थी. मुझे वो याद तक नहीं है. पीछे मुड़कर देखने पर शायद मुझे उनकी कमी महसूस हुई हो, लेकिन तब तक आप किसी चीज का एक्सपीरियंस नहीं करते, तब तक आपको उसका मतलब समझ नहीं आता. मुझे पिता शब्द का अर्थ ही नहीं पता था.’

सौतेली बहन के साथ एक ही स्कूल में पढ़ी एक्ट्रेस
एक्ट्रेस ने बताया कि वह और उनकी सौतेली बहन एक ही स्कूल में पढ़ा करती थीं और अक्सर ही उनके पिता उसे स्कूल छोड़ने जाते थे. रेखा को अच्छी तरह पता था कि सुपरस्टार जेमिनी गणेशन उनके पिता हैं, क्योंकि उनकी मां हमेशा उन्हें उनका नाम इस्तेमाल करने के लिए कहती थीं. रेखा ने सिमी से कहा था कि ‘मुझे नहीं लगता कि उन्होंने मुझे कभी देखा होगा.’ जब तक कि एक दिन उनकी बहन खुद उनके पास आकर बात नहीं करने लगी.

14 साल की में स्कूल से निकाला
एक्ट्रेस रेखा को महज 14 साल की उम्र में स्कूल से निकाल दिया था और इस वजह से वह फिल्मों में काम करने को मजबूर हो गई थी. क्योंकि उनके परिवार में काफी फाइनेंशियल परेशानियां थी. फिल्मों में आना भी रेखा के लिए काफी मुश्किलों से भरा रहा था. इसके बाद उन्होंने साल 1970 में सावन भादो फिल्म से डेब्यू किया और दो प्यार, मिस्टर नटवरलाल, दो मुसाफिर, काली घटा, सिलसिला जैसी तमाम फिल्मों में काम किया और फिल्म इंडस्ट्री में सफलता हासिल की.

पिता के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं गई थी एक्ट्रेस?
फिल्म इंडस्ट्री पर रेखा ने काफी लंबे समय तक राज किया है. इंडस्ट्री में कई बार रेखा का अपने पिता से सामना हुआ. यहां तक कि एक बार उन्होंने उनके साथ स्टेज शेयर भी किया. वहीं साल 2005 में जब उनके पिता का निधन हुआ तो एक्ट्रेस उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई थी. इंटरव्यू में रेखा ने कहा था कि ‘मैं उनके लिए क्यों शोक करूं, जब वे मेरे इतने करीब हैं? मैं क्यों शोक करूं, मैं उनके गुणों, वैल्यू, उनकी लाइफ और उनके अस्तित्व के लिए आभारी हूं? तो किस बात का शोक? मैं खुश हूं कि मुझे उनके साथ बुरा वक्त नहीं बिताना पड़ा. वह मेरी कल्पना में ही रहे और सच कहूं तो ये ज्यादा सुंदर है. मैं जिनसे भी प्यार करती हूं, वो इस संसार की सीमाओं से परे हैं.’
