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कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

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2879 शिक्षार्थियों के पंजीकरण के साथ कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का पहला बैच शुरू


कॉरपोरेट मित्र का उद्देश्य अनुपालन को कम जटिल और उद्यमियों के लिए ज्ञान को अधिक सुलभ बनाना है: अनीता शाह अकेला, संयुक्त सचिव, एमसीए

प्रविष्टि तिथि: 04 SEP 2026 8:15PM by PIB Delhi

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के मार्गदर्शन में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) और भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीओएआई) ने कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिसके पहले बैच में 2879 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। कॉरपोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का शुभारंभ कार्यक्रम के संरचित शिक्षण और क्षमता-विकास चरण की शुरुआत का प्रतीक है।

भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में कॉरपोरेट मित्र पहल की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक समूह तैयार करना है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को व्यावसायिक और नियामकीय अनुपालनों के प्रबंधन में सहयोग प्रदान कर सके। इस कार्यक्रम में आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई की व्यावसायिक विशेषज्ञता को आईआईटी मद्रास, आईआईटी मद्रास प्रवर्तक और स्वयं प्लस के प्रौद्योगिकी एवं शैक्षणिक सहयोग के साथ जोड़ा गया है।

पाठ्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ नई दिल्ली स्थित आईसीएआई मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अनीता शाह अकेला; कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के निदेशक-पीआई श्री महेंद्र कुमार; तथा आईसीएआई के माननीय अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी, आईसीएआई के माननीय उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी. किनारे और आईसीएआई के माननीय सचिव सीए (डॉ.) जय कुमार बत्रा सहित आईसीएआई के पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में भारतीय लागत लेखाकार संस्थान के माननीय अध्यक्ष सीएमए चित्तरंजन चट्टोपाध्याय, माननीय उपाध्यक्ष सीएमए मनोज कुमार आनंद तथा तीनों प्रोफेशनल संस्थानों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक कुशल समूह तैयार करना है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को किफायती व्यावसायिक सहायता प्रदान कर सके। इसके माध्यम से कारोबार सुगमता, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अनीता शाह अकेला ने कहा कि “कॉरपोरेट मित्र का उद्देश्य अनुपालन को कम जटिल और उद्यमियों के लिए ज्ञान को अधिक सुलभ बनाना है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य अनुपालन को बोझ के बजाय विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुव्यवस्थित विकास के एक सक्षम माध्यम में बदलना है।

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की कुल अवधि 12 महीने है, जिसे दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले छह महीनों में रिकॉर्ड किए गए वीडियो व्याख्यानों के माध्यम से लगभग 150 घंटे का संरचित शैक्षणिक शिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके बाद आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई के सदस्यों की प्रोफेशनल फर्मों में छह महीने का कार्यस्थल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे शिक्षार्थियों को कार्यस्थल पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

शैक्षणिक घटक को शिक्षार्थियों को एमएसएमई के संचालन और उनकी सहायता संबंधी आवश्यकताओं की समग्र समझ प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। डिजिटल शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से शिक्षार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा दिए गए रिकॉर्ड किए गए व्याख्यान, संदर्भ सामग्री, मूल्यांकन, घोषणाएं, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) और चर्चा मंच उपलब्ध कराए जाएंगे।

कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की शुरुआत कुशल पैरा-प्रोफेशनल्स का एक ऐसा समूह विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और औपचारिककरण में योगदान दे सकता है।

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पीके/केसी/एके/डीए

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