
नई दिल्ली: भारत में वैक्सीनेशन पर बड़ी परेशानी भ्रामक जानकारियों को लेकर भी है. वैक्सीनेशन को लेकर देश में आधे सच और सफेद झूठ की मार्केटिंग और सप्लाई हो रही है. इसीलिए आज खुद नीति आयोग ने वैक्सीनेशन को लेकर देश में हर झूठ का सच बताया है.
पहला भ्रम
भारत विदेशी कंपनियों से वैक्सीन नहीं खरीद रहा है, जिनके पास वैक्सीन की पर्याप्त डोज हैं. इस आरोप का सच बताते हुए नीति आयोग ने कहा है कि केंद सरकार 2020 से ही वैक्सीन आयात करने की कोशिश में लगी है. फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के लिए कई राउंड की बात हुई है और भारत सरकार की कोशिशों के बाद ही स्पूतनिक वी को मंजूरी मिली है.
दूसरा भ्रम
भारत सरकार विदेशों में उपलब्ध वैक्सीन को मंजूरी नहीं दे रही है. इस भ्रम पर नीति आयोग ने कहा है कि भारत सरकार ने अप्रैल 2021 से ऐसी वैक्सीन्स की एंट्री आसान कर दी है, जिसे अमेरिका की FDA, इंग्लैंड की MHRA, जापान के PMDA और WHO की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग की मंजूरी मिली हो. और भारत में किसी विदेशी वैक्सीन-निर्माता कंपनी की कोई एप्लीकेशन अप्रूवल के लिए पेंडिंग नहीं है.
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तीसरा भ्रम
देश में घरेलू स्तर पर वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने की कोशिश नहीं हो रही है. नीति आयोग ने इस आरोप पर कहा है कि केंद्र सरकार 2020 की शुरुआत से ही ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को वैक्सीन उत्पादन के लिए सक्षम बनाने की कोशिश कर रही है. भारत में अक्टूबर तक हर महीने कोवैक्सीन की 10 करोड़ डोज तैयार करने की तैयारी हो रही है. कोवीशील्ड हर महीने 11 करोड़ डोज के उत्पादन की तैयारी कर रहा है.
चौथा भ्रम
केंद्र को वैक्सीन पर अनिवार्य लाइसेंसिंग लागू करनी चाहिए इस पर आयोग का कहना है, कि भारत अनिवार्य लाइसेंसिंग से भी एक कदम आगे बढ़ चुका है. कोवैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत बायोटेक और 3 संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है और स्पूतनिक के लिए भी ऐसी कोशिश की जा रही है.
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पांचवां भ्रम
वैक्सीन पर केंद्र ने अपनी जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी है. इस पर नीति आयोग ने कहा है कि सरकार वैक्सीन की मंजूरी, उत्पादन, सप्लाई और इंपोर्ट जैसे कई काम तेजी से कर रही है. केंद्र जो वैक्सीन खरीद रहा है, उसे तेजी से राज्यों को दिया जा रहा है.
छठा भ्रम
केंद्र राज्यों को पर्याप्त वैक्सीन नहीं दे रहा है. इस पर नीति आयोग का कहना है, कि सरकार सबकी सहमति से बने दिशा-निर्देशों से सभी को पर्याप्त वैक्सीन दे रही है. जल्द ही वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ने वाली है, और राज्यों को ज्यादा वैक्सीन मिल पाना संभव होगा.
सातवां भ्रम
केंद्र सरकार बच्चों की वैक्सीन के लिए कदम नहीं उठा रही है. आयोग ने इस आरोप पर कहा है, कि दुनिया का कोई भी देश अभी बच्चों को वैक्सीन नहीं दे रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी इसपर कोई सुझाव नहीं है, और भारत में बच्चों पर जल्द ही ट्रायल शुरू होने जा रहे हैं.
