
नई दिल्ली: कोरोना महामारी की दूसरी लहर भले ही कमजोर पड़ रही हो, लेकिन भारतीय वैज्ञानिक लगातार कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए हथियार विकसित करते ही जा रहे हैं. अब भारतीय वैज्ञानिकों ने गरारा बेस्ड आरटी-पीसीआर टेस्ट विकसित किया है, जिसके नतीजे सिर्फ 3 घंटे में आ जाते हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए साबित हो सकता है वरदान
ग्रामीण क्षेत्र, जहां लोगों को कोरोना की जांच के लिए काफी परेशान होना पड़ता है, विशेषज्ञ ऐसे स्थानों के लिए इस परीक्षण विधि को वरदान के तौर पर देख रहे हैं. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसे मंजूरी भी दे दी है.
घर से भी कर सकेंगे टेस्टिंग
काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ने कोरोना की जांच के लिए एक खास तकनीकी के बारे में लोगों को सूचित किया है. इस खास तकनीकी में सामान्य आरटी-पीसीआर टेस्ट की तरह स्वाब की जरूरत नहीं होगी. घर बैठे आसानी से अब आप संक्रमण का पता लगा सकेंगे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की तारीफ
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस तकनीकी को बेहतरीन बताया है. उन्होंने कहा कि इस तकनीकी से कोरोना की जांच में तेजी आएगी. बिना स्वाब के किए जाने वाला कोरोना का यह टेस्ट गेम-चेंजर साबित हो सकता है.
A remarkable innovation!
The ‘Saline Gargle RT-PCR Test’ developed by @CSIR_NEERI shall increase ease & speed of #COVID19 testing in the country.
This swab-free, non-invasive testing mechanism could prove to be a game changer! https://t.co/bAt3GSfmkQ
— DrHarshVardhanOffice (@DrHVoffice) May 28, 2021
ऐसे होगी टेस्टिंग
‘सलाइन गार्गल आरटी-पीसीआर विधि’ के माध्यम से ट्यूब में भरा सलाइन मुंह में डालना है. उसे 15 सेकंड गार्गल करना है, फिर ट्यूब में वो सलाइन वापस कर देना है. इसके लिए स्वाब देने की जरूरत नहीं होगी और सिर्फ 3 घंटे में इसके सटीक नतीजे आ जाएंगे.
नागपुर स्थित एनईईआरआई के वैज्ञानिकों का कमाल
नागपुर स्थित नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनईईआरआई) के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 की जांच के लिए ‘सलाइन गार्गल आरटी-पीसीआर विधि’ विकसित की है. जिससे तीन घंटे के भीतर परिणाम प्राप्त किया जा सकेगा. अधिकारियों ने बताया कि यह किट सरलता और तेजी से कोरोना का पता लगाने में सहायक होगी. एनईईआरआई में इनवायरमेंटल वायरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कृष्णा खैरनार बताते हैं कि आरटी-पीसीआर के स्वाब टेस्टिंग में काफी समय लग जाता था, यह नई तकनीकि इस मायने में काफी बेहतर मानी जा सकती है. इसमें सैंपल टेस्टिंग के तीन घंटे के भीतर कोरोना का पता चल सकेगा.
