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मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना की तीसरी लहर की आहट महसूस होती दिख रही है. यहां सिर्फ एक शहर में 8 हजारे से ज्यादा बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. बच्चों में बेतहाशा संक्रमण के डरावने आंकड़े इसी मई महीने के तीस दिनों के है. जिसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के माथे पर भी चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं. वहीं विशेषज्ञ पहले ही बता चुके हैं कि कोरोना की आगामी तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक होगी. इससे पहले बच्चों में संक्रमण के ज्यादा मामले राजस्थान में दर्ज हुए थे.

अहमदनगर से चौंकाने वाले आंकड़ें

चिंता के ये हालात तब हैं जब राज्य सरकार करीब 2 महीनों से तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए एडवांस तैयारियों के दावे कर रही थी. सांगली जिले में बच्चों के लिए एक स्पेशल कोरोना वार्ड तैयार किया जा रहा है. प्रदेश में ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. इंडिया डॉट काम में प्रकाशित खबर के मुताबिक अहमदनगर जिला प्रमुख राजेंद्र भोसले ने शहर में आठ हजार से ज्यादा बच्चों के कोरोना संक्रमित होने से बने हालात पर चिंता जताई है. 

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वहीं स्थानीय विधायक एनसीपी नेता संग्राम जगताप भी इन हालातों से चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान, बिस्तरों और ऑक्सीजन की कमी थी. इसलिए, हमें तीसरी लहर के दौरान इससे बचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की जरूरत है. और खुद को पूरी तरह से तैयार करने की जरूरत है. 

कुल कोरोना संक्रमितों में 10% बच्चे

अहमदनगर में हजारों बच्चों और किशोरों के कोरोना वायरस पॉजिटिव आने पर सभी हैरान हैं. जिले के अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि 8000 से ज्यादा बच्चों के कोरोना से संक्रमित होना, ये जिले के कुल कोरोना केस का लगभग 10 प्रतिशत है. 

जुलाई या अगस्त के लिए बताया था खतरा

स्थानीय विधायक और प्रसासन का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि हालात जल्द ही काबू में होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि पहले जुलाई के आखिर या अगस्त की शुरुआत में संभावित तीसरी लहर का अनुमान लगाया गया था, उस हिसाब से तैयारी हो रही थी. अचानक मई महीने में बच्चों के इतनी बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमित होने की खबर सुनकर सभी हैरान हैं. 

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