

Delhi excise policy: दिल्ली सरकार ने नयी आबकारी नीति को फिलहाल वापस लेने का फैसला किया है और सरकार द्वारा संचालित दुकानों के जरिये शराब की बिक्री किए जाने का निर्देश दिया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को यह जानकारी दी.
बीजेपी पर साधा निशाना
सिसोदिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वो (बीजेपी के नेता) ‘गुजरात में अवैध शराब का कारोबार चला रहे हैं’ और वो दिल्ली में अब ठीक ऐसा ही करना चाहते हैं. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पास आबकारी विभाग भी है. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि शराब अब केवल सरकारी दुकानों के माध्यम से ही बेची जाए और कहीं पर भी कोई और किसी तरह की अराजकता न हो.
हम ऐसा नहीं होने देंगे: सिसोदिया
सिसोदिया ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शराब की दुकानों के लाइसेंसधारियों और आबकारी अधिकारियों को धमकाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि कई लाइसेंसधारियों ने अब दुकानें बंद कर दी हैं और आबकारी अधिकारी खुदरा लाइसेंस की खुली नीलामी शुरू करने को लेकर डरे हुए थे. सिसोदिया ने कहा, ‘वे शराब की कमी पैदा करना चाहते हैं ताकि वे दिल्ली में शराब का अवैध व्यापार कर सकें, जैसा कि वे गुजरात में कर रहे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे.’
नयी आबकारी नीति के तहत दिल्ली में इस समय करीब 468 शराब की दुकानें संचालित हैं. इस नीति की अवधि को 30 अप्रैल के बाद दो बार दो-दो महीने के लिए बढ़ाया गया था. यह अवधि 31 जुलाई को समाप्त होगी.
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