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KTR open challenge to Revanth Reddy: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी को भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने शुक्रवार को खुली चुनौती दी है. रामाराव ने कहा कि अगर सीएम को जनता के समर्थन पर भरोसा है तो वो बीआरएस से कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए 10 विधायकों का इस्तीफा लेकर फिर से उपचुनाव कराएं. ताकि वो जनता के बीच अपनी ताकत को साबित कर सकें. दरअसल, कांग्रेस के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस को 66 प्रतिशत समर्थन मिलने का दावा किया था. जिसको लेकर केटीआर ने सिरसिल्ला में नए चुने गए बीआरएस सरपंचो के सम्मेलन के दौरान सीएम पर निशाना साधा है. केटीआर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने जो दावा किया है, उसकी परीक्षा जनता की अदालत में देनी चाहिए. 

रेवंत रड्डी पर निशाना
केटीआर ने सीएम के हैदराबाद में दिए गए बयान को लेकर भी निशाना साधा है. जहां रेवंत रेड्डी ने 66 प्रतिशत समर्थन को सरकार के लिए आशीर्वाद बताने के बाद बयान से पलटी मारी थी. कथित तौर पर सीएम ने अपने बयान को बदलते हुए स्थानीय चुनाव सरकार के प्रदर्शन पर आधारित नहीं होने की बात कही थी. अपने बयान में उन्होंने स्थानीय चुनाव मुद्दों और जाति आधारित बताए. इस पर पलटवार करते हुए केटआर ने कहा कि जनता के समर्थन पर भरोसा है तो वो उनकी चुनौती को स्वीकार करें.  केटीआर ने कहा कि जिन 10 विधायकों को आपने ‘मवेशियों की तरह खरीदा’ है, उनके इस्तीफे दिलवा कर उपचुनाव कराए. जिसके बाद जनता तय करेगी कि असली ताकत किसके पास है. 

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दलबदलु नेताओं पर बरसे

केटीआर ने दलबदल करने वाले विधायकों का नैतिक दिवालियापन करार दिया है. इसके साथ-साथ उन्होंने सीनियर नेता कादियम श्रीहरि और पोचारम श्रीनिवास रेड्डी के व्यवहार पर निराशा भी जताई है. उन्होंने निशाना साधा कि जो नेता मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं, वो छोटे-छोटे पदों के लिए इस तरह गिर जाते हैं, यह देखकर बेहद दुखद होता है.उन्होंने राहुल गांधी के सामने कांग्रेस ज्वाइन करने की घोषणा के बाद स्पीकर के सामने बीआरएस में होने की झूठी बात की हैं. उनकी सत्ता से चिपके रहने की इस आदत ने उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. केटीआर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वो स्पीकर कार्यालय पर दबाव डालकर ठोस सबूतों की अनदेखी कर रहे हैं और दलबदलुओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. इतना ही नहीं केटीआर ने यह दावा भी किया कि पंचायत चुनावों के नतीजे किसानों, महिलाओं और पिछड़ा वर्ग समुदायों को धोखा देने के कारण कांग्रेस को जनता का करारा जवाब हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पुलिस और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद सिरसिल्ला में 117 में से 80 पंचायतों में बीआरएस ने जीत हासिल की है. 

इनपुट- –आईएएनएस