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Maharashtra Local Body Election Results 2025: जनता जनार्दन होती है. महाराष्ट्र की जनता ने निकाय चुनावों का जनादेश सुना दिया है. भारतीय लोकतंत्र के इतिहास एक वोट से सरकारे बनीं और बिगड़ी हैं. एक वोट से हार के चलते कुछ नेता मुख्यमंत्री नहीं बन पाए. कुल मिलाकर ‘एक वोट करे चोट’ की अवधारणा लोकतंत्र को मजबूत करती है. यहां भी कुछ सीटों पर चौंकाने वाले नतीजे आए. एक जगह एक प्रत्याशी महज एक वोट से हार गया. चुनाव नतीजों में ओवरआल फर्स्ट डिवीजन से पास हुई बीजेपी के नेताओं को उस जगह मतदाताओं ने 440 वोल्ट का झटका दिया जब एक ही परिवार के 6 के 6 सदस्य चुनाव हार गए. 

‘जनता ने एक ही परिवार के 6 सदस्यों की सियासत समेट दी’

बीजेपी के लिए नतीजों का सबसे बड़ा सेटबैक नांदेड़ जिले में देखने को मिला. पार्टी को नांदेड़ के लोहा नगर निगम में सबसे बड़ा झटका लगा, जहां उसने एक ही परिवार से छह उम्मीदवार उतारे थे. अजित पवार की पार्टी और महायुति गठबंधन की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 20 पार्षदों और एक नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए हुए दोस्ताना मुकाबले में बीजेपी के सभी छह के छह उम्मीदवारों को हरा दिया.

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अध्यक्ष पद के लिए BJP ने लोहा के एक प्रभावशाली शख्स गजानन सूर्यवंशी पर भरोसा किया था. हालांकि, उन्हें NCP (अजित पवार) के उम्मीदवार ने हरा दिया, जिनका नाम संयोग से शरद पवार है. सूर्यवंशी की पत्नी गोदावरी सूर्यवंशी, भाई सचिन सूर्यवंशी, भाभी सुप्रिया सूर्यवंशी, बहनोई युवराज वाघमारे और भतीजे की पत्नी रीना व्यवहारे भी चुनावों में जीत हासिल नहीं कर पाईं.

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बीजेपी ने ऐसा क्यों किया?

चुनावों से पहले, एक ही परिवार से छह उम्मीदवार उतारने के फैसले पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. इससे न सिर्फ विपक्ष, महा विकास अघाड़ी, बल्कि गठबंधन सहयोगी अजित पवार की NCP ने भी आलोचना की थी. तब NCP नेता प्रतापराव गोविंदराव चिखलीकर ने कहा कि BJP ने छह उम्मीदवार इसलिए उतारे क्योंकि उसे इलाके में पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिल पाए. MVA ने भी पार्टी की ‘वंशवादी राजनीति’ पर तंज कसा.

नांदेड़ जिले में, NCP लोहा, कंधार, देगलूर और उमरी में विजयी रही, जबकि BJP ने कुंडलवाड़ी, मुदखेड़ और भोकर नगर परिषदों पर कब्जा किया. शिवसेना और मराठवाड़ा जनहित पार्टी ने दो-दो नगर परिषदों पर जीत हासिल की, जबकि शिवसेना (UBT) और कांग्रेस एक-एक जगह विजयी रहीं. NCP (शरद पवार) जिले में अपना खाता खोलने में नाकाम रही.