
DNA Analysis: उसके अंदर भी हादी की तरह भारत विरोध का वायरस मौजूद है. उस्मान हादी की बहन का नाम मासूमा हादी है. लेकिन आप इसके नाम पर मत जाइएगा. ये अपने नाम की तरफ मासूम नहीं है. इसके अंदर भी भारत के खिलाफ नफरत कूट कूट कर भरी है. आज आपको उस्मान हादी से भी कट्टर उसकी बहन मासूमा हादी के बारे में भी जानना चाहिए. मासूमा की भारत विरोधी भावनाओं को समझने के लिए आपको सबसे पहले हादी की बहन के बयानों में भारत के खिलाफ मौजूद नफरत को बहुत ध्यान से पढ़ना चाहिए. मासूमा हादी कह रही है जब तक भारतीयों को खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक बांग्लादेशी चैन से नहीं बैठेंगे.
हिंदुओं से नफरत
इतनी नफरत है हादी की बहन के अंदर भारत को लेकर, भारतीयों को लेकर, बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं को लेकर. अपने बयान में उस्मान हादी की बहन ने भारतीयों के लिए जिस शब्द का इस्तेमाल किया वो हमने आपको नहीं बताया. क्योंकि वो शब्द सुनकर आपका खून खौल उठेगा. आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे. जिस मुल्क को भारत ने कुर्बानियां देकर आजाद करवाया. आज उसी मुल्क में फैले कट्टरपंथी वायरस ने बांग्लादेश के एक तबके को भारत के खिलाफ किस हद तक भड़का दिया है. उस्मान हादी की बहन ने भारत के बारे में जो बयान दिया वो कट्टरपंथी विचारधारा की ही फसल है. मासूमा हादी ने इसका सबूत भी दे दिया. मासूमा हादी कहती है कि ये लड़ाई 200 सालों से चल रही है. मतलब- मासूमा ने बता दिया वो उस जिन्ना वाली सोच के साथ है, जिसने हिंदुओं से नफरत की वजह से भारत का विभाजन करवाया था. जिसने पाकिस्तान बनाया था. मासूमा उन बांग्लादेशियों की तरह नहीं सोचती जिन्होंने पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ अपना नया देश बनाया था.
इंकलाब मंच
वैसे ऐसा नहीं है, हादी की बहन के मन में भारत के खिलाफ नफरत अपने भाई की मौत के बाद जिंदा हुई हो. उस्मान की मौत से पहले भी मासूमा भारत के खिलाफ जहर उगलती रहती थी. यानी हादी की बहन का सबसे बड़ा सपना बांग्लादेश की सत्ता पर उन कट्टरपंथी ताकतों को बिठाना है. जो भारत के खिलाफ युद्ध का एलान कर दें. भारत की कट्टर विरोधी हों . आज आपको मासूमा हादी के बारे में कुछ और बातें भी जाननी चाहिए. जिससे आप हादी की बहन की भविष्य की योजनाओं को समझ पाएंगे. मासूमा हादी भी अपने भाई की तरह कट्टरपंथी इंकलाब मंच की सक्रिय सदस्य है. उस्मान हादी की मौत के बाद मासूमा को अब इंकलाब मंच का चेहरा बनाया जा रहा है. शरीफ पर हुए हमले के बाद, मासूमा ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की और अपराधियों को सजा दिलाने की मांग की. मासूमा ने अपने भाई की जगह चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की है यानि वो राजनीति में भी नाम चमकाना चाहती है. एक तरफ हादी की बहन अपने भाई की जगह लेने को बेकरार है, हो सकता है वो कट्टरपंथी ताकतों का सहारा लेकर शेख हसीना और खालिदा जिया जैसी नेता बनने का सपना देख रही हो. लेकिन दूसरी तरफ बांग्लादेश में हादी वर्सेस यूनुस की लड़ाई शुरू हो गई है.
चुनाव टालने की धमकी
बिल्कुल सही सुना आपने बांग्लादेश में अब हादी के समर्थक यूनुस के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. यानी शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाली ताकतें अब मोहम्मद युनूस की सत्ता को उखाड़ फेंकने की बातें कर रही हैं. हादी के संगठन इंकलाब मंच ने युनुस पर हादी की मौत को हल्के में लेने का आरोप लगाया है. आज बांग्लादेश में इंकलाब मंच ने उस्मान हादी के हत्यारों को सजा दिलाने की मांग के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया. इस प्रदर्शन में खूब नारेबाजी हुई और यूनुस सरकार को अल्टीमेटम दिया गया. जिसके बाद बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले चुनावों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हमने डीएनए में आपको पहले भी बताया था हादी की मौत के पीछे का मकसद बांग्लादेश में चुनाव टालने की साजिश भी हो सकती है. आज आपको जानना चाहिए, इंकलाब मंच ने युनूस सरकार को क्या धमकी दी है. जिसे बांग्लादेश में चुनाव के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है. ‘इंकलाब मंच’ ने बांग्लादेश में “न्याय नहीं तो चुनाव नहीं” का नारा दिया है. इंकलाब मंच ने यूनुस से कहा है, जब तक उस्मान हादी के हत्यारों को सजा नहीं मिलती देश में कोई भी चुनाव स्वीकार नहीं होगा. हादी समर्थकों ने सरकार से 24 घंटे के भीतर एक विशेष ट्रिब्यूनल बनाए जाने की मांग की है.
हादी के समर्थक
इसके अलावा हादी समर्थकों ने अमेरिका की FBI या ब्रिटेन की स्कॉटलैंड यार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को जांच में शामिल करने की भी मांग की है, ताकि जांच निष्पक्ष रहे. इन सबके अलावा मोहम्मद यूनुस को सीधी धमकी दी गई है. अगर ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अंतरिम सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. मतलब युनूस को भी चुनाव से पहले सत्ता से उतारने की कोशिश की जाएगी. बांग्लादेश में कट्टरपंथियों को अपनी एजेंसियों पर भरोसा नहीं है. वो FBI और स्कॉटलैंड यार्ड से जांच करवाना चाहते हैं. वैसे यूनुस सरकार इन धमकियों के सामने सरेंडर दिखी. इंकलाब मंच की इस सख्त चेतावनी और सड़कों पर बढ़ते तनाव को देखते हुए, मुहम्मद यूनुस सरकार ने हत्या का मामला ‘स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल’ को सौंपने का आदेश दिया. सरकार ने आश्वासन दिया है कि पुलिस की जांच रिपोर्ट सौंपने के 90 दिनों के भीतर इस मुकदमे को पूरा कर लिया जाएगा. लेकिन इस वक्त बांग्लादेश के घटनाक्रम बता रहे हैं. मोहम्मद युनूस की सरकार दिखावा चाहें जितना कर लेकिन वो हादी के हत्यारे को बचाने का ज्यादा प्रयास कर रही है. दो महीने के अंदर बांग्लादेश में चुनाव होने हैं. 90 दिनों के भीतर मुकदमे को पूरा करने की डेडलाइन दी गई है और उस्मान हादी को गोली मारने वालों के बारे में बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों को कुछ पता ही नहीं है और अब तो बांग्लादेश की एजेंसियों ने हादी को गोली मारने वालों के भारत भागने वाले आरोपों को भी खारिज कर दिया है.
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