Election Commission Contribution Reports: चुनाव आयोग की हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलने वाले कुल चंदे का केवल 5.6% हिस्सा व्यक्तियों से आया है जबकि कांग्रेस को अपने कुल दान का 26% हिस्सा व्यक्तिगत दानदाताओं से प्राप्त हुआ. यह जानकारी 2024-2025 की वार्षिक योगदान रिपोर्ट से सामने आई है जिसमें पार्टियों के दान के स्रोतों का विवरण दिया गया है. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, राजनीतिक पार्टियों को 20000 रुपये से अधिक के सभी दान का विवरण चेक, बैंक ट्रांसफर, यूपीआई या डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के माध्यम से प्रस्तुत करना आवश्यक है. वहीं, नकद दान केवल 20000 रुपये तक ही स्वीकार्य होते हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भाजपा को इस श्रेणी में 345 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ जबकि कांग्रेस को 139 करोड़ रुपये मिले.
रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हुआ कि भाजपा का अधिकांश दान चुनावी ट्रस्टों, निगमों और अन्य व्यवसायों से प्राप्त हुआ है जबकि कांग्रेस ने अपने योगदान का एक बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत दानदाताओं से हासिल किया. इस दौरान भाजपा को कम से कम 2045 व्यक्तियों से दान प्राप्त हुआ जबकि कांग्रेस को 2386 व्यक्तियों ने चंदा दिया.
भाजपा को मिला 6654 करोड़ का चंदा
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 1 अप्रैल, 2024 से 30 मार्च, 2025 के बीच कुल 6654 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ है जो पिछले साल के मुकाबले 68% अधिक है. इसमें से 40% राशि इलेक्टोरल ट्रस्टों के माध्यम से आई. प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 2180 करोड़ रुपये, प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 757 करोड़ रुपये, और न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 150 करोड़ रुपये का चंदा दिया. इसके अलावा, 3112.5 करोड़ रुपये का चंदा अन्य इलेक्टोरल ट्रस्टों से प्राप्त हुआ.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा को अन्य दानदाताओं से भी धन प्राप्त हुआ है. प्रमुख कॉर्पोरेट डोनरों में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा 100 करोड़ रुपये, रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड से 95 करोड़ रुपये, वेदांता से 67 करोड़ रुपये और मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोधा डेवलपर्स) से 65 करोड़ रुपये का चंदा मिला. इसके अलावा, बजाज ग्रुप की तीन कंपनियों ने मिलकर 65 करोड़ रुपये का दान किया जबकि डिराइव इन्वेस्टमेंट ने 50 करोड़ रुपये का चंदा दिया.
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कुछ भाजपा नेताओं ने भी पार्टी को चंदा दिया जिनमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (3 लाख रुपये), असम सरकार के मंत्री पिजुश हजारिका (2.75 लाख रुपये), केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (1 लाख रुपये), ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी (5 लाख रुपये), इंदौर के मेयर पुष्यमित्रा भार्गव (1 लाख रुपये) और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय (1 लाख रुपये) शामिल हैं.
कांग्रेस और अन्य दलों के चंदे में आई गिरावट
कांग्रेस को 2024-2025 के दौरान 522.13 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1,129 करोड़ रुपये था यानी 43% की गिरावट आई. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को 184.08 करोड़ रुपये का चंदा मिला जो पहले 618 करोड़ रुपये था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) को केवल 15.09 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल उसे 580 करोड़ रुपये मिले थे. आम आदमी पार्टी को 2024-2025 में 39.2 करोड़ रुपये मिले जो पिछले साल के 22.1 करोड़ रुपये से ज्यादा है. तेलुगु देशम पार्टी का चंदा 274 करोड़ रुपये से घटकर 85.2 करोड़ रुपये हो गया और बीजू जनता दल को 246 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 60 करोड़ रुपये का चंदा मिला.
