Mithun Chakraborty: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तकरार छिड़ी है, इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से टीएमसी के खिलाफ वोट करने की अपील की. साथ ही साथ उन्होंने कहा कि ‘बंगाल को बांग्लादेश न बनने दें’. उनके इस बयान के बाद सियासत शुरू हो गई है, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर पलटवार किया है.
कांग्रेस ने साधा निशाना
मिथुन चक्रवर्ती पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती का मानसिक संतुलन खत्म हो चुका है. भारतीय जनता पार्टी ने उनको राज्यसभा नहीं दी, लोकसभा नहीं दी, इसलिए वो मानसिक संतुलन खोए हुए व्यक्ति की तरह बात कर रहे हैं. देशद्रोह की बात कर रहे हैं, बंगला भाषियों को बांग्लादेशी कहने का काम कर रहे हैं, बंगला भाषियों में हिंदू-मुसलमान करने का काम कर रहे हैं, ऐसे व्यक्ति की जगह या तो पागलखाने में होनी चाहिए या जेल में होनी चाहिए.
सीपीआईएम ने घेरा
वहीं, मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर सीपीआईएम के नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि पिछले 15 सालों से भाजपा और ममता बनर्जी के बीच बहुत करीबी रिश्ता रहा है, इसलिए वे खुलेआम एक-दूसरे से लड़ेंगे, एक-दूसरे को गाली देंगे, लेकिन उनका मुख्य टारगेट यह है कि वे मिलकर लेफ्ट को खत्म करना चाहते हैं.
मिथुन चक्रवर्ती ने दिया था बयान
इससे पहले, भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने हुगली में बयान दिया कि वे पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि अगर पश्चिम बंगाल बांग्लादेश बन भी जाए तो भी सत्ता में रहना ठीक रहेगा, लेकिन यह सपना पूरा नहीं होगा, हमारे जैसे लोग हैं जो खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे. मिथुन चक्रवर्ती ने लेफ्ट, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के हिंदू समर्थकों से ममता बनर्जी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की, उन्होंने कहा, आप मेरे भाई-बहन हैं, मैं कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के हिंदुओं से एकजुट होने का अनुरोध कर रहा हूं, मैं तृणमूल के हिंदुओं से भी कहूंगा, आइए एकजुट हों और इस सरकार के खिलाफ वोट करें. (आईएएनएस)
