Shashi Tharoor: क्रिसमस के दिन हुए हमलों को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि ईसाई परंपराओं पर हमले केवल एक समुदाय पर नहीं, बल्कि भारत के संवैधानिक मूल्यों पर हमला हैं. थरूर ने कहा कि जब पूजा की स्वतंत्रता को खतरा होता है, तो यह हर भारतीय पर हमला होता है. तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर ने क्रिसमस की प्रार्थना सभा के बाद बात करते हुए इस बात का उल्लेख किया कि वह हर साल कई चर्चों का दौरा करते हैं, हालांकि इस बार दिल्ली से उड़ान में देरी के कारण वह कम चर्चों का दौरा कर पाए. उन्होंने कहा कि हमारे देश में यह दुख की बात है कि हम ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जब विभिन्न हिस्सों में ईसाइयों पर हमले हो रहे हैं. जब हमारी परंपराओं पर हमला होता है तो केवल ईसाई ही नहीं, बल्कि हम सभी प्रभावित होते हैं.
भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगा आरोप
थरूर ने केरल के पलक्कड़ जिले के पुडुस्सेरी में क्रिसमस कैरोल समूह पर हुए हमले का जिक्र किया और इसे बेहद चौंकाने वाला बताया. बता दें, आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस समूह पर हमला किया था जिसमें प्रतिभागियों को पीटा गया और संगीत यंत्रों को नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि यह एक धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर हमला है और इसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. थरूर ने राज्य में असहिष्णुता के बढ़ते रुझानों को चिंता का विषय बताया. उन्होंने अन्य राज्यों में भी हमलों का जिक्र किया जैसे रायपुर के मॉल में सांता क्लॉस की मूर्ति को तोड़ना, जबलपुर में एक नेत्रहीन ईसाई लड़की पर कथित हमला और उत्तर प्रदेश में एक चर्च में प्रार्थना को बाधित करने का प्रयास. थरूर ने विशेष रूप से चर्च नेताओं की टिप्पणियों पर दुख व्यक्त किया जिनमें एक आर्कबिशप ने कहा कि भारत में ईसाई डर और चिंता के माहौल में क्रिसमस मना रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि मणिपुर और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में देखी गई हिंसा अब केरल तक पहुंच गई है.
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केरल की साझा संस्कृति पर हुआ हमला: थरूर
कांग्रेस नेता ने सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब किसी कैरोल समूह पर हमला होता है तो यह सिर्फ एक ईसाई मुद्दा नहीं है यह हम सभी पर और केरल की साझा संस्कृति पर हमला है. उन्होंने कहा कि अगर बहुसंख्यकों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ हम चुप रहे तो शांति कायम नहीं रह सकती. थरूर ने केरल की अंतरधार्मिक सद्भाव की परंपरा को याद करते हुए कहा कि भीड़ को दंडमुक्त रखना विभाजन को बढ़ावा देता है, जवाबदेही से विश्वास बहाल होता है. उन्होंने अधिकारियों से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई का आह्वान किया. बता दें, क्रिसमस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की प्रार्थना सभा में भाग लिया था. उन्होंने प्रार्थनाओं और भजनों के बीच अपने संदेश में कहा था कि क्रिसमस का संदेश प्रेम, शांति और करुणा का है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह भावना समाज में सद्भाव और सामंजस्य को प्रेरित करेगी.
