Maulana Shamsul Huda Khan: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूनाइटेड किंगडम में रहने वाले इस्लामी उपदेशक मौलाना शम्सुल हुदा खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद की गई है जिसमें खान पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की गई. खान, जो 1984 में एक सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे ने 2013 में ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त की थी. हालांकि, आरोप है कि वह 2013 से 2017 तक भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद वेतन प्राप्त करते रहे और विदेश में रहते हुए शिक्षण कर्तव्यों का पालन नहीं किया.
The Enforcement Directorate (ED) has registered a money laundering case against UK-based Islamic preacher Maulana Shamsul Huda Khan under the PMLA, following an FIR by the UP ATS. Khan, who allegedly continued drawing a government madrasa salary after acquiring British… pic.twitter.com/ckmqeKloca
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— IANS (@ians_india) December 26, 2025
करोड़ों की सम्पत्ति का मालिक है मौलाना
अधिकारियों ने कहा कि खान ने पिछले दो दशकों में कई विदेशी यात्राएं कीं और कथित रूप से भारत में 7-8 बैंक खातों के माध्यम से “कई करोड़ रुपये” की धनराशि प्राप्त की. इसके अलावा, खान ने एक दर्जन से अधिक अचल संपत्तियां अर्जित की हैं जिनकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
खान पर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने और धार्मिक शिक्षा की आड़ में अवैध धन जुटाने का आरोप है. वह अपने गैर सरकारी संगठन, राजा फाउंडेशन और व्यक्तिगत बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न मदरसों को धन भेजते थे. उन्होंने आजमगढ़ और संत कबीर नगर में दो मदरसे भी स्थापित किए थे जिनका बाद में पंजीकरण रद्द कर दिया गया. जांच एजेंसियों ने खान के ब्रिटेन स्थित कट्टरपंथी संगठनों से संबंधों की भी जांच शुरू कर दी है.
