
Amit Shah on Terrorism: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों से अपनी क्षमताएं बढ़ाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद का परिदृश्य भी बदल रहा है. नई तकनीकों का इस्तेमाल कर आतंकी अब बड़ी वारदातें कर रहे हैं. उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को दो कदम आगे रहना होगा. गृह मंत्री ने ये बातें शनिवार को दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ का उद्घाटन करते हिुए कही.
‘अपनी आतंकवाद निरोधी क्षमताओं को बढ़ाना होगा’
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस विजन के तहत यह वार्षिक सम्मेलन का सिलसिला शुरू किया गया है. इसका मकसद उभरते खतरों से निपटने की तैयारियां करना हैं. इसके लिए सभी एजेंसियां देश और दुनिया में हुई आतंकी घटनाओं का विश्लेषण करें. इसके लिए हमें अपनी आतंकवाद निरोधी क्षमताओं को बढ़ाना होगा.
‘360 डिग्री प्रहार करने का एक्शन प्लान ला रहे’
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें एक अभेद्य और मजबूत ‘आतंकवाद निरोधी ग्रिड’ बनाना होगा. यह ग्रिड ऐसा होना चाहिए, जो हर चुनौती का सामना कर सके. इसके लिए हम संगठित अपराध पर 360 डिग्री प्रहार करने का एक्शन प्लान ला रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशनल यूनिफॉर्मिटी से ही खतरे का सही आंकलन, इंटेलीजेंस शेयरिंग का सही उपयोग और कोऑर्डिनेटेड काउंटर एक्शन संभव करने की रणनीति बननी चाहिए. गृह मंत्री ने कहा कि पहली बार सुरक्षा बलों ने आतंकी घटना की प्लानिंग करने वालों को ऑपरेशन सिंदूर से दंडित किया. इस वारदात को अंजाम देने वालों को ऑपरेशन महादेव से न्यूट्रलाइज किया गया.
‘पुलिस का एक कॉमन एटीएस स्ट्रक्चर बहुत जरूरी’
उन्होंने निर्देश दिया कि देशभर की पुलिस का एक कॉमन एटीएस स्ट्रक्चर बहुत जरूरी है. राज्यों के पुलिस महानिदेशक इसका जल्द से जल्द अनुपालन करें. देश की सारी एजेंसियां और राज्यों की पुलिस मिलकर एक ऐसी ‘टीम इंडिया’ बने, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रभावी तरीके से काम करे.
केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस सम्मेलन में NIA की ओर से अपडेट किए गए अपराध मैनुअल का विमोचन किया. इसके साथ ही हथियार ई-डेटाबेस, संगठित अपराध नेटवर्क पर डेटाबेस की शुरूआत की गई. उन्होंने कहा कि अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में हुए धमाके की जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बहुत अच्छी जांच की है. इस पूरे नेटवर्क की जांच करने का काम हमारी सभी एजेंसियों ने बहुत अच्छे तरीके से किया.
‘दिल्ली धमाके की जांच सामान्य पुलिसिंग नहीं’
अमित शाह ने कहा कि पहलगाम और दिल्ली विस्फोट मामलों की जांच सामान्य पुलिसिंग नहीं बल्कि वाटरटाइट इन्वेस्टिगेशन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. यह इस बात का भी एक बहुत बड़ा उदाहरण है कि सदैव जागरूक रहकर कोई अधिकारी किस प्रकार देश को इतने बड़े संकट से बचा सकता है.
