Amitabh Bachchan Vinod Khanna Film: बॉलीवुड के कुछ पुराने इंटरव्यू समय के साथ और भी खास बन जाते हैं. ऐसा ही एक इंटरव्यू अक्षय खन्ना का भी है. हाल ही में उनकी फिल्म ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सक्सेस के साथ वे चर्चा में आ गए हैं. इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों ने खूब सराहा. इसके अलावा ‘दृश्यम 3’ से उनके बाहर होने की खबरें भी सुर्खियों में छाई हुई हैं. इसी बीच उनका पुराना इंटरव्यू लोगों के बीच काफी वायरल हो रहा है, जिसने सभी को हैरान कर दिया.
अक्षय खन्ना ने साल 1997 में अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘हिमालय पुत्र’ से की थी, जिसमें उनके पिता विनोद खन्ना भी नजर आए थे. हालांकि, ये एक्सपीरियंस उनके लिए आसान नहीं था. साल 2008 में आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अक्षय ने कहा था कि अपने पिता के साथ काम करना उन्हें डराने वाला लगा. उन्होंने साफ कहा था कि कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जिनके साथ स्क्रीन शेयर करना बहुत मुश्किल होता है. उनके मुताबिक उनके पिता और अमिताभ बच्चन ऐसे ही कलाकार हैं.

अमिताभ-विनोद के सामने एक्टिंग करना नामुमकिन
अक्षय ने अपने इंटरव्यू में बताया था, ‘कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ आपको काम नहीं करना चाहिए. मेरे पिता उनमें से एक हैं. अमिताभ बच्चन भी ऐसे ही हैं. उनके सामने खड़े होकर कॉन्फिडेंस के साथ एक्टिंग करना लगभग नामुमकिन है. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस बहुत ज्यादा स्ट्रांग है’. अक्षय ने ये बात किसी तुलना से नहीं, बल्कि सम्मान के लिहाज से कही थी. अक्षय ने आगे खुलकर माना कि उनके पिता जैसी स्क्रीन मौजूदगी उनके पास नहीं है. उन्होंने कहा था, ‘मेरे पिता को स्क्रीन पर मैच करना बहुत मुश्किल है’.
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पिता विनोद खन्ना जैसी नहीं स्क्रीन प्रेजेंस – अक्षय
उन्होंने आगे कहा, ‘ये एक खास क्वालिटी होती है, जो या तो आपके अंदर होती है या नहीं होती. बहुत ईमानदारी से कहूं तो मेरे अंदर वो बात नहीं है. मेरे पास वैसी स्क्रीन प्रेजेंस नहीं है’. उनके इस बयान में कहीं भी घमंड देखने को नहीं मिला, बल्कि खुद को समझने और स्वीकार करने की सादगी नजर आई. उन्होंने कुछ कलाकारों की खासियत पर बात करते हुए कहा था कि ऐसे एक्टर्स बहुत कम होते हैं. अक्षय ने कहा, ‘कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो स्क्रीन पर आते ही आपको बहा ले जाते हैं. आप चाहकर भी उनसे नजरें नहीं हटा पाते. मेरे पिता उन्हीं में से एक हैं’.
पिता की बायोपिक में करना चाहते हैं काम
ये बात बताती है कि अक्षय अपने पिता को सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि एक खास दर्जे का कलाकार मानते हैं, जिनकी मौजूदगी अपने आप में बहुत भारी होती है. साल 2017 में जब अक्षय से पूछा गया, ‘क्या वे कभी विनोद खन्ना की बायोपिक में उनका किरदार निभाएंगे?’ तो उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए अपने पिता का किरदार निभाना कोई ऑप्शन नहीं है, क्योंकि मैं उनके जैसा दिखता ही नहीं हूं. मैं कहीं से भी उनके करीब नहीं लगता’. बायोपिक्स पर बात करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि ऐसी फिल्में जितनी सच्ची हों.
अमिताभ-विनोद ने 10 फिल्मों में साथ किया काम
बता दें, अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना ने लगभग 10 फिल्मों में साथ काम किया है, जिनमें ‘रेशमा और शेरा’ (1971), ‘कुंवारा बाप’ (1974; कैमियो), ‘जमीर’ (1975), ‘हेरा फेरी’ (1976), ‘खून पसीना’ (1977), ‘अमर अकबर एंथनी’ (1977), ‘परवरिश’ (1977), ‘मुकद्दर का सिकंदर’ (1978), ‘बटवारा’ (1989; कैमियो) जैसी शानदार फिल्मों के नाम शामिल हैं. खास बात ये है कि आज भी इन फिल्मों को खूब देखा और पसंद किया जाता है, जो ओटीटी प्लेटफॉर्म से लेकर यूट्यूब पर अपना कब्जा जमाए हुए हैं.
