Amit Shah Attack on Rahul Gandhi: गुजरात में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. अमित शाह ने विपक्ष को लेकर जनता की सोच के साथ तालमेल में कमी बताते हुए कांग्रेस की जमकर आलोचना की. अमित शाह ने इस जनसभा में जोर देकर राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि ‘बार-बार चुनावों में विकास की सियासत को छोड़कर कांग्रेस कानूनी बारीकियों को प्राथमिकता देने लग जाती है जिसका परिणाम उनके सामने है.’ अमित शाह ने आगे कहा कि जहां बीजेपी ने विश्वास और संवेदनशील शासन के माध्यम से बार-बार जनादेश हासिल किया है वहीं कांग्रेस उसी जनता के बीच संघर्ष कर रही है क्योंकि वह उन मुद्दों से दूर है जिन्हें जनता का महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त है.
रविवार (28 दिसंबर) को अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी बार-बार चुनावी हार जनता की भावनाओं और विकास की राजनीति को समझने में विफलता का नतीजा है. अमित शाह ने इस दौरान राहुल गांधी की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया जो राहुल गांधी ने हाल के दिनों में सवाल किया था कि कांग्रेस चुनाव क्यों हारती रहती है? शाह ने कहा कि दो सार्वजनिक कार्यक्रमों के नतीजों को समझने से ही पार्टी की हार का कारण पता चल जाएगा. उन्होंने बताया कि वंजार जैसे इलाकों में, उन्हें बिना किसी बड़े आंदोलन, बाधा या सार्वजनिक विरोध के बार-बार चुना गया, जो बीजेपी के शासन मॉडल में लोगों के विश्वास को दर्शाता है.
राहुल बाबा तमिलनाडु और बंगाल में भी हार तय है…
अमित शाह ने राहुल गांधी पर लोगों की असली चिंताओं को दूर करने के बजाय FIR जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘शासन और सार्वजनिक मुद्दों को समझने के बजाय राहुल गांधी FIR समझने में व्यस्त हैं जो उनकी जिम्मेदारी भी नहीं है.’ राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला करते हुए शाह ने दावा किया कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हारती रहेगी और बीजेपी साल 2029 में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सत्ता में वापसी करेगी
कांग्रेस ने हर उस फैसले का विरोध किया जिसे जनता का समर्थन था
कांग्रेस के प्रमुख नीतिगत फैसलों को गिनाते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने हर उस कदम का विरोध किया जिसे जनता का समर्थन प्राप्त था. जिसमें राम मंदिर का निर्माण, पाकिस्तान के खिलाफ हवाई हमले, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई, अनुच्छेद 370 को हटाना और काशी में मंदिर निर्माण शामिल है. उन्होंने पूछा, ‘जब आप हर उस चीज का विरोध करेंगे जिसका लोग समर्थन करते हैं, तो वोट कहां से आएंगे?’ अपनी बात खत्म करते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी की अपनी पार्टी के नेता भी उन्हें जमीनी हकीकत समझाने में नाकाम रहते हैं, और कहा कि बीजेपी की विकास-उन्मुख राजनीति और संवेदनशील शासन मॉडल जनता के बीच मजबूती से गूंज रहा है.
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