CM Siddaramaiah: कर्नाटक में अवैध निर्माणों पर हुई तोड़फोड़ को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस एक बार फिर विवादों में घिर गई है. एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्तक्षेप के बाद विपक्षी बीजेपी ने उन पर राज्य सरकार के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘सुपर सीएम’ करार दिया है.
बता दें, विवाद रविवार को और गहराया जब वेणुगोपाल ने बेंगलुरु के कोगिलु गांव में हुई तोड़फोड़ को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से बातचीत की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाई कमान को इस कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंताएं हैं और ऐसे कदम अधिक सावधानी, संवेदनशीलता और करुणा के साथ उठाए जाने चाहिए थे ताकि लोगों की भावना को ठेस ना पहुंचे.
वेणुगोपाल ने लोगों को राहत का दिया आश्वासन
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने, शिकायतों के समाधान के लिए एक तंत्र स्थापित करने और पुनर्वास व राहत सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है. हालांकि तोड़फोड़ की कार्रवाई करीब एक हफ्ते पहले हुई थी लेकिन यह मामला 26 दिसंबर को उस समय सुर्खियों में आया जब केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सिद्धारमैया सरकार पर बुलडोजर राज चलाने का आरोप लगाया. विजयन ने कहा कि बेंगलुरु में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट को ध्वस्त कर वर्षों से रह रहे मुस्लिम परिवारों को बेघर किया गया जो क्रूर शासन को दर्शाता है.
Spoke to Karnataka CM @siddaramaiah and DCM @DKShivakumar regarding the demolition of unauthorised constructions in Kogilu village, Bengaluru.
Conveyed the AICC’s serious concern that such actions should have been undertaken with far greater caution, sensitivity, and…
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) December 27, 2025
कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस जमीन पर निर्माण था उसे ठोस कचरा प्रबंधन के लिए अधिसूचित किया गया था और पास की छोड़ी गई खदान के कारण यह इलाका मानव निवास के लिए असुरक्षित था. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विजयन की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने तथ्यों को जाने बिना बयान दिया. शिवकुमार ने कहा कि हम बुलडोजर न्याय में विश्वास नहीं रखते. यह अतिक्रमण हटाने और सार्वजनिक भूमि की रक्षा का मामला है.
भाजपा ने कर्नाटक सरकार को घेरा
इस बीच, बीजेपी ने वेणुगोपाल के बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि पार्टी की राय देना एक बात है लेकिन राज्य सरकार पर नैतिक दबाव डालना संघीय ढांचे का अपमान है. राज्य बीजेपी अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने भी कहा कि दिल्ली से निर्देश देने वाली सत्ता कर्नाटक के मतदाताओं का अपमान कर रही है. हालांकि, वेणुगोपाल का बचाव करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि एक राष्ट्रीय नेता के तौर पर उन्हें सरकार को सलाह देने का अधिकार है और वे प्रशासन में हस्तक्षेप नहीं कर रहे.
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इधर, राज्य के आवास मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान ने रविवार को तोड़फोड़ स्थल का दौरा किया और कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक करेंगे. उन्होंने संकेत दिया कि प्रभावित परिवारों के लिए राहत की घोषणा हो सकती है. खान ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कई परिवार वर्षों से जर्जर और अवैध ढांचों में रह रहे थे. उनके अनुसार, परिवारों को कई बार बेदखली नोटिस दिए गए थे और वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई थी लेकिन वे स्थानांतरित होने को तैयार नहीं थे. बता दें, यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने ड्रग्स से जुड़े अपराधों में बुलडोजर कार्रवाई की बात कही थी हालांकि पार्टी के भीतर विरोध के बाद उन्होंने अपने बयान से दूरी बना ली थी.
