Jammu Kashmir Student Protest: नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने अपनी ही पार्टी के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी समेत कई राजनीतिक नेताओं की नजरबंदी का बचाव करते हुए कहा कि सरकार ‘अशांति’ चाहने वालों को जम्मू और कश्मीर की प्रगति में बाधा डालने की इजाजत नहीं देगी. अधिकारियों ने मौजूदा आरक्षण नीति के युक्तिकरण के संबंध में श्रीनगर में नियोजित छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन को नाकाम करने के लिए नेताओं को नजरबंद कर दिया था.
क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?
सांसद रूहल्लाह मेहदी, पीडीपी नेताओं वहीद पारा और इल्तिजा मुफ्ती के साथ वे नेता थे जिन्हें नजरबंद रखा गया था क्योंकि उन्होंने छात्रों को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी. पहलगाम से बोलते हुए सीनियर नेता अब्दुल्ला ने छात्रों के विरोध को नाकाम करने और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लेने के प्रशासन के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि वे ‘अशांति’ चाहते हैं. अब्दुल्ला ने कहा कि नेता क्षेत्र के विकास से खुश नहीं थे और अस्थिरता पैदा करना चाहते थे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार तरक्की पर ध्यान दे रही है और अशांति को उसकी कोशिशों को पटरी से उतारने नहीं देगी.
नेशनल कांफ्रेंस के नेता भी नाराज
फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणियों ने नेशनल कांफ्रेंस के अंदर बढ़ते मतभेद को जाहिर किया, क्योंकि इससे पहले पार्टी प्रवक्ता तनवीर सादिक ने हिरासत को गलत और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए आलोचना की थी. तनवीर के अलावा पीडीपी प्रमुख ने भी नेताओं की हिरासत की आलोचना करते हुए कहा,’किसी को भी शांतिपूर्ण विरोध करने की इजाजत नहीं है और यह हमारे नौजवानों को दीवारों तक धकेल रहा है और एक दिन प्रेशर कुकर की तरह यह फट जाएगा, फिर सभी को चोट लगेगी.’ छात्र और राजनीतिक नेता नौकरी कोटा को समायोजित करने में देरी का विरोध कर रहे थे, जो वर्तमान में सरकारी नौकरियों का सिर्फ 40% ओपन मेरिट कैटेगरी को आवंटित करता है, जबकि वे आबादी का लगभग 70% हिस्सा हैं.
क्या था प्रदर्शन का प्लान
बता दें कि जम्मू-कश्मीर की ओपन मेरिट कैटेगरी के छात्रों को श्रीनगर के पोलो व्यू में इकट्ठा होना था, जहां से सीएम आवास, गुपकार रोड तक विरोध मार्च निकालने की योजना थी. इस प्रदर्शन का नेतृत्व रुहुल्लाह को करना था, जिसमें वहीद और इल्तिजा भी शामिल होने वाले थे, जो मौजूदा आरक्षण नीति में सुधार की मांग कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं.
रूहुल्लाह मेहदी का पोस्ट
रूहुल्लाह ने एक दिन पहले X पर लिखा था,’मैं न तो छात्रों को भूला हूं और न ही उन्हें अकेला छोड़ा है. मैं सरकार से एक बार फिर अपील करता हूं कि वह छात्रों से बात करे और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उठाए गए कदमों और फैसलों के बारे में उन्हें बताए. अगर शनिवार तक ऐसा नहीं होता है, तो मैं अपने युवाओं और छात्रों को बेसहारा नहीं छोड़ूंगा. मैं उनके साथ चलूंगा और इस आने वाले रविवार को उसी जगह पर उनके साथ बैठूंगा, जैसा हमने पिछले साल 23 दिसंबर को किया था, ताकि उनकी बात सुनी जाए और मेहदी ने सरकार को चेतावनी दी थी कि इस बार सीएम आवास पर विरोध प्रदर्शन और धरना सिर्फ एक दिन के लिए नहीं होगा.’
इल्तिजा मुफ्ती भी सरकार पर भड़कीं
इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें श्रीनगर में उनके घर में सीमित कर दिया गया है और दावा किया कि उनकी आवाजाही को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कई अन्य लोगों की तरह उन्हें भी हाउस अरेस्ट में रखा गया है और उन्होंने उन आधारों पर सवाल उठाया जिनके तहत ये पाबंदियां लगाई गई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके गेट पर महिला पुलिसकर्मियों का एक दस्ता तैनात किया गया था और इस कदम को उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से असुरक्षा और पैरानोइया का प्रतीक बताया. स्थिति को ‘नए कश्मीर’ में ‘सामान्य’ बताते हुए मुफ्ती ने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा.
